जीआईसी में आयोजित त्रि-स्तरीय पंचायत सम्मेलन में
सपा मुखिया के साथ आए मुख्य वक्ता पंचायती राज मंत्री कैलाश चंद्र यादव ने
पंचायत प्रतिनिधियों के लिए सौगात की घोषणा कर दी। उन्होंने पंचायत चुनाव
बाद नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को डेढ़ गुना मानदेय देने की बात कही।
पंचायत
सचिवालयों को बनाने पर जोर दिया, साथ ही पंचायत राज विभाग से कराए गए
कार्यों के बारे में बताया। यादव ने कहा कि त्रि-स्तरीय महापंचायत के जन
प्रतिनिधि यदि एकजुट हो जाएं तो ऐसा कोई दल नहीं, जिसके पास इतने समर्थक
हों। संगठित होने की जरूरत है।
कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय
बढ़ाया गया है और अब आगे होने वाले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के बाद
प्रतिनिधियों के मानदेय में डेढ़ गुना वृद्धि की जाएगी। प्रधान के अधीन
पंचायतों के समस्त कार्य हों, इसके लिए विचार हो रहा है।
ग्राम पंचायतों
में सचिवालय बनाए जा रहे हैं, जहां अफसर बैठ कर कार्य करें। प्रदेश का
प्रशिक्षण केंद्र नेता जी ने ही बनवाया था, जो अन्य कहीं नहीं है।
प्रशिक्षण केंद्र को अब बेहतर किया जा रहा और उसमें प्रशिक्षण प्राप्त करने
आने वाली महिलाएं भी रुक सकेंगी।
कहा कि ऐसी व्यवस्था की जा रही कि एक दिन
में केसी ड्रेन और सीसी रोड तैयार हो सके। बताया कि जिला पंचायत के
सेवानिवृत्त अफसरों, कर्मियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा था,
पर अब वह व्यवस्था कर दी र्गई। एमएलसी डा. अशोक बाजपेयी ने कहा कि पंचायती
राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने का काम सरकार ने किया है।
पंचायत में आरक्षण
की व्यवस्था कर महिलाओं को उचित स्थान दिया गया। इस मौके पर नासिर अली,
हाजी बदरुद्दीन अंसारी, हफीज मंसूरी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
उधर,
बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं जिला सहकारी बैंक के निदेशक शिवदत्त सिंह,
पूर्व सभासद सीमा भारती, रामदीन वर्मा, अरविंद वर्मा, संजय वर्मा, महेश
कुमार, राकेश वर्मा, रमेश कुमार, प्रदीप वर्मा, मोनू वर्मा, सोनू गौतम समेत
कई बसपा छोड़ सपा मुखिया के सामने पार्टी में शामिल हुए।