हाईकोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद करने के
विरोध में शिक्षामित्रों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। शिक्षामित्रों ने
सोमवार को स्कूलों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया और शहर में सड़क
पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करते हुए कई स्थानों पर सड़क जाम की। इस दौरान
राज्य सभा सांसद व राज्य मंत्री से मिल कर अपनी पीड़ा भी सुनाई।
पूरे दिन
शिक्षामित्रों को विरोध जारी रहा। उधर, स्कूल बंद कराने को लेकर
शिक्षामित्राें की टीचरों के साथ झड़पें भी हुई। विरोध प्रदर्शन को सभी
शिक्षक संगठनों ने समर्थन दिया। इस दौरान कई महिला शिक्षामित्र गर्मी की
वजह से बेहोश भी हो गईं। ज्ञात हो कि हाईकोर्ट के शिक्षामित्रों का
समायोजन रद करने के निर्णय से जिले के 4,411 शिक्षामित्र प्रभावित हुए हैं।
शिक्षामित्र समायोजन रद होने के विरोध में दो दिन से विरोध प्रदर्शन कर
रहे हैं। सोमवार को शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार का ऐलान किया था।
शिक्षामित्रों ने अपने-अपने क्षेत्र में स्कूलों को बंद कराए। विद्यालय बंद
कराने के दौरान शिक्षामित्रों के साथ स्कूल के टीचरों के साथ झड़पें भी
हुईं।
शिक्षामित्रों केे विरोध के चलते सोमवार को अधिकांश विद्यालयों में
ताला लगा रहा और शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ। शिक्षामित्रों ने कई
विद्यालयों में विद्यार्थियों को भगा दिया। इससे मिड-डे मील का वितरण भी
नहीं हो सका और भोजन धरा का धरा रह गया।
विद्यालय बंद कराने के बाद शिक्षा
मित्र गांधी भवन में एकत्रित हुए और समायोजन को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
गांधी भवन में भारी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद थे। शिक्षामित्रों ने
गांधी भवन से जुलूस निकालते हुए शहर के प्रमुख मार्गों पर विरोध प्रदर्शन
किया।
शिक्षामित्रों ने सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा जाम कर दिया। इसके बाद
रामदत्त चौराहा, बावन चुंगी होते हुए विरोध प्रदर्शन करते हुए गांधी भवन
पहुंचे। उधर, शिक्षामित्र जुलूस के रूप में राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल के
आवास पर पहुंचे और उनको अपनी व्यथा सुना एक ज्ञापन दिया।
सांसद ने शिक्षा
मित्रों को पूरा सहयोग का आश्वासन दिया और ठीकरा केंद्र सरकार के सिर
फोड़ते हुए कहा कि वह उनके साथ है और हर संभव मदद की जाएगी। उधर, चिकित्सा
एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल शिक्षा मित्रों के बीच पहुंचे और
कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है। उनके हितों की रक्षा को सरकार सुप्रीम
कोर्ट जाएगी।