हरदोई। पिहानी में प्रकाशचंद्र वाजपेयी की तीसरी पीढ़ी ने ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा किया। 15 वर्ष बाद उनके पौत्र कुशी वाजपेयी ने जीत दर्ज कर परिवार के हाथ में ब्लाक की सत्ता लौटाई। कुशी के पिता भी ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं।
पिहानी में ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव में कुशी वाजपेयी को 74 और प्रतिद्वंद्वी मनोज सिंह को 29 वोट मिले। भाजपा से जुडे़ दोनों ही प्रत्याशी निर्दलीय मैदान में उतरे थे। ब्लाक प्रमुख चुने गए कुशी वाजपेयी के बाबा प्रकाशचंद्र वाजपेयी वर्ष 1965 से वर्ष 2000 तक पिहानी के ब्लाक प्रमुख रहे।
वर्ष 2000 में कुशी के पिता श्रवण वाजपेयी ब्लाक प्रमुख बने। वर्ष 2005 में सीट आरक्षित होने से कुर्सी परिवार के हाथ से चली गई। वर्ष 2005 में कुशी की मां संतोष वाजपेयी जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं थीं। इस बार हुए चुनाव में कुशी वाजपेयी ने ब्लाक प्रमुख बनने में सफलता पाई है।
अशोक वाजपेयी ने निभाई अहम भूमिका
पिहानी से कुशी वाजपेयी के ब्लाक प्रमुख पद पर निर्वाचित होने में भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक वाजपेयी की अहम भूमिका रही। शनिवार को मतदान से पहले ही डॉ. अशोक वाजपेयी के छोटे भाई अजय वाजपेयी और अशोक के करीबी पारुल दीक्षित ने पिहानी में एक स्थान पर डेरा जमा दिया था। पिहानी सीट को भाजपा की प्रत्याशिता से रिक्त घोषित कराने में भी डॉ. अशोक वाजपेयी की अहम भूमिका रही।