हरदोई। शहर के सिनेमा चौराहे के पास घर में घुसकर दो लोगों ने वरिष्ठ अधिवक्ता को गोली मार दी। इसके बाद सड़क पर खड़े बाइक सवार साथी के साथ हमलावर भाग निकले।
गंभीर हालत में अधिवक्ता को मेडिकल कॉलेज लाया गया, यहां से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी पर एसपी ने पहले मौके का जायजा लिया और फिर मेडिकल कॉलेज भी पहुंचे। मकान में लगे सीसीटीवी के फुटेज पुलिस खंगाल रही है। घटना के बाद आक्रोशित वकीलों ने लखनऊ रोड पर वकील के घर के पास जाम लगा दिया।
फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता कनिष्क मेहरोत्रा (64) सिनेमा चौराहे के पास लखनऊ रोड पर पिछले लगभग चार दशक से किराए के मकान में रह रहे हैं। इनके मुंशी गिरीश वर्मा के मुताबिक शाम को लगभग 7ः30 बजे दो लोग मकान में ही बने कार्यालय पर आए और कनिष्क मेहरोत्रा से कोर्ट मैरिज के मामले में मुलाकात करने की बात कही। इस पर गिरीश मकान के अंदर गए और कनिष्क को बुलाकर ले आए। कार्यालय में कुर्सी पर बैठने के दौरान दोनों युवकों में से एक ने फाइल इनकी तरफ बढ़ाई और दूसरे ने तमंचे से गोली मार दी। कनपटी में गोली लगने से कनिष्क वहीं पर गिर पड़े।
इसके बाद दोनों हमलावर मुख्य मार्ग पर बाइक से खड़े अपने साथी के साथ भाग निकले। इधर, गोली चलने की आवाज सुनकर घर में खाना बनाने वाली ममता भी बाहर आईं। इसी बीच घटना की जानकारी स्थानीय लोगों और पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और ऑटो से कनिष्क को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद कनिष्क को लखनऊ रेफर कर दिया गया। कनिष्क के परिवार में एक पुत्री और एक पुत्र है। दोनों ही अलग-अलग शहरों में रहते हैं। एसपी नीरज कुमार जादौन घटनास्थल पर पहुंचे और जानकारी ली। एसपी के मुताबिक कोर्ट मैरिज संबंधी बातचीत के लिए आए युवकों ने गोली मारी है। घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस टीमें लगा दी गई हैं।
कनिष्क के मुंशी गिरीश अचानक हुई घटना से सकते में आ गए। जो फाइल हमलावरों ने अधिवक्ता को दी थी, उसमें सिर्फ एक सादा कागज होने की बात सामने आई है। इसके अलावा जिस मकान में 40 साल से अधिवक्ता किराए पर रहे थे उसको लेकर भी विवाद की बात चर्चा में है। बताया जा रहा है कि जिस मकान में अधिवक्ता रह रहे हैं उसे शहर के ही कुछ लोगों ने मिलकर 15 साल पहले खरीदा था। यह लोग भी मकान खाली कराना चाहते थे, लेकिन पूर्व में दोनों पक्षों के बीच विवाद की बात कभी सामने नहीं आई।
अधिवक्ता के मकान के बाहर ही दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। दोनों के ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। इनसे कुछ महत्वपूर्ण सुराग पुलिस को मिले हैं। अधिवक्ता का मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लिया है। इसके जरिए भी पुलिस घटना की वजह और हमलावरों को तलाश रही हैै। घटना का खुलासा करने के लिए टीमों का गठन किए जाने के साथ ही अधिवक्ता के इलाज के लिए भी एसपी ने एक पुलिस टीम लखनऊ साथ में भेजी है।