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प्रशासन और स्कूल संचालकों में ठनीं

Thu, 27 Apr 2017 11:33 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई
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एक ही नंबर की दो बसें। - फोटो : Amar ujala
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प्रशासन ने फर्जी नंबरों पर चलने वाली स्कूली बसों पर शिकंजा कस दिया हैं। जांच में एक ही नंबर पर तीन-तीन बसें चलती मिलीं। दो बसें शहर के नामी स्कूल सेंट जेम्स से संबद्ध मिलीं। स्कूल में चार अन्य बसों का भी फर्जी नंबरों पर संचालन मिला।
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स्कूल बसों की फिटनेश जांच को डीएम ने तीन सदस्सीय टीम बनाई है। टीम में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ज्ञान प्रकाश, एआरटीओ प्रवर्तन एके मिश्रा और सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान ने स्कूल बसों की जांच को अभियान शुरू किया है। बुधवार को टीम ने सेेंट जेम्स स्कूल में बसों की जांच की थी। एक बस की नंबर प्लेट रंग कर दूसरा नंबर लिखा था। नंबर प्लेट पर पहले नंबर यूपी 30... लिखा था, उसकी जगह यूपी 16 एस 9577 लिख दिया गया था। पूछताछ में चालक वाहन के कागज नहीं दिखा पाया। सीओ ने बस मालिक नदीम सिद्दीकी निवासी मल्लावां को हिरासत में ले लिया। बस मालिक से पूछताछ के आधार पर सेंट स्कूल में यूपी 16 एस 9577 नंबर की एक और बस मिलीं। इसी नंबर की तीसरी बस कछौना के पास पकड़ी गई।

तीसरी बस में सवारियां ढोई जा रही थीं। इसके अलावा सेंट जेम्स स्कूल की चार अन्य बसें भी फर्जी नंबरों पर चलती मिलीं। इनमें किसी गाड़ी का चेचिस नंबर आरसी से मैच नहीं हो रहा है तो किसी पर फर्जी नंबर पड़ा है। मसलन 14 नंबर की स्कूल बस डीएल आईपीबी 7179 दिल्ली के नंबर से हरदोई जिले के नंबर में परिवर्तित है। हरदोई में इस आरसी का नंबर बदलकर यूपी 30 टी 9369 किया गया है। स्कूल में बस नंबर 14 पर डीएल आईपीबी 7179 और 3 नंबर स्कूल बस पर यूपी 30 टी 9369 लिखकर चलाया जा रहा था।
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इसी तरह बस नंबर यूपी 30 टी 9370 और डीएल आईपीबी 7326 में भी फर्जीवाड़ा मिला है। सीओ अजीत सिंह चौहान ने बताया कि ये बसें सिनेमा चौराहा निवासी संजीवन श्रीवास्तव की हैं। संजीवन से अनुबंध कर ये बसें एआरटीओ कार्यालय में सेंट जेम्स स्कूल के प्रधानाचार्य के नाम पर दर्ज हैं। सीओ ने बताया कि गलत नंबरों पर अवैध रूप से बसें चलाने में संजीवन श्रीवास्तव के साथ सेंट जेम्स स्कूल के प्रधानाचार्य भी आरोपी हैं। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

नौ स्कूलों ने बंद कर दी बसें
लखनऊ रोड स्थित सेंट जेम्स स्कूल की बसों पर बुधवार को प्रशासन और एआरटीओ की कार्रवाई से नाराज बस संचालक गुरुवार को हड़ताल पर चले गए। हड़ताल का असर अभिभावक व बच्चों पर पड़ा। बस न आने से नाराज अभिभावक बच्चों को लेकर घर लौट गए। कुछ अभिभावकों ने डीएम से मामले की शिकायत कर स्कूल संचालकों पर कार्रवाई की मांग की। एडीएम ने अभिभावकों को कार्रवाई का भरोसा दिया।

जिला प्रशासन और एआरटीओ की ओर से बुधवार को लखनऊ रोड स्थित सेंट जेम्स की 20 बसों पर कार्रवाई की और एक बस को सीज कर दिया। बस संचालक प्रशासन पर दबाव बनाने को हड़ताल पर चले गए। हड़ताल की किसी अभिभावक को जानकारी नहीं दी गई। सुबह 6:30 बजे अभिभावक अपने अपने बच्चों को लेकर डीएम चौराहा, नुमाइश चौराहा, पिहानी चुंगी आदि बस स्टाप पर पहुंच गए। काफी देर बाद तक जब बस नहीं आई तो स्कूलों को फोन किया, स्कूल प्रबंधक से बात की तो उन्होंने बस संचालकों की हड़ताल की जानकारी दी।

बस संचालकों की हड़ताल से नाराज अभिभावक डीएम आवास पहुंचने लगे। डीएम अपने आवास पर नहीं थे। अभिभावकों के डीएम आवास पर पहुंचने की जानकारी मिलने पर एडीएम विपिन कुमार मिश्र मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अभिभावकों को समझाया। इस मौके पर संजीव त्रिवेदी, केके मिश्रा, अमित त्रिवेदी, सपना सक्सेना, मुकेश, भुवनेश प्रताप, सीमा सिंह, सुनीता सिंह, ममता सिंह, राजीव मिश्र, अजय सिंह, राजेश मिश्र व सोनू आदि मौजूद रहे।   


आठ बजे आया मैसेज, आज नहीं आएगी बस
आजाद नगर निवासी श्याम जी गुप्ता का पुत्र कक्षा दो, डीएम चौराहा के नितिन त्रिवेदी की पुत्री कक्षा एक, सुभाषनगर निवासी अखिल द्विवेदी का पुत्र कक्षा चार, प्रदीप कुमार सिंह की पुत्री केजी व पिहानी चुंगी नीरज शुक्ला के दो बच्चे सेंट जेम्स में पढ़ते हैं। बस न आने पर स्कूल को फोन लगाकर पता करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। फिर मायूस होकर घर लौट गए। करीब आठ बजे स्कूल से एक मैसेज जरूर आया। जिसमें लिखा था कि अभिभावक बच्चों को स्वयं ले जाने और ले आने की व्यवस्था करें, आज बस नहीं आएगी।

उन्होंने बताया कि जब बस की फीस अलग से ली जाती है तो सुविधा क्यों नहीं दी जाती है। इसी प्रकार सांडी रोड निवासी वीरेंद्र दीक्षित की पुत्री कक्षा आठ व अर्जुन सिंह का पुत्र कक्षा चार में सेंट जेवियर्स में पढ़ते हैं, सुबह बस न आने के चलते उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। उन्होंने बताया कि स्कूल संचालकों को बसों की फिटनेस आदि की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए। जिससे आगे किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।    
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