सई नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। भूगर्भ जल स्तर को उठाने के लिए नदी के दोनों किनारों व बीच में जमा सिल्ट को हटाने का काम मनरेगा मजदूरों कर रहे हैं। शनिवार को महुईपुरी में डीएम व सीडीओ ने संयुक्त रूप से सई नदी का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इसके बाद डीएम पुलकित खरे ने ग्राम पंचायत महुईपुरी व खेतुई स्थित स्थायी गोवंश आश्रय स्थल का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने गोवंश आश्रय स्थल पर जाकर गोवंशों से संबंधित बुनियादी जरूरतों को देखा। इसमें बाउंड्रीवाल, पीने के पानी की व्यवस्था, टिनशेड, जानवरों के चारे के लिए बनाई गई चरनी, नाद आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने एडीओ पंचायत को दो दिनों में सौर लाइट लगवाने को कहा। निरीक्षण स्थल पर उपस्थित पशु डॉक्टर को भी निर्देशित किया कि गोशाला में आने वाले जानवरों की टैगिंग का काम भी तुरंत ही किया जाए। जिले के 11 विकास खंडों से 180 किमी की लंबाई लेते हुए गुजरने वाली सई नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए तथा भूगर्भ जल स्तर को उठाने के लिए सई नदी के दोनों किनारों तथा बीच नदी में जमा सिल्ट को हटाने का काम मनरेगा कर रहा है। उन्होंने ग्राम प्रधान व ग्राम रोजगार सेवक द्वारा मनरेगा के तहत कम मजदूर लगे होने पर नाराजगी जताकर मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। लेखपाल को निर्देशित किया कि नदी के किनारों पर स्थित खेतों की पैमाइश कराते हुए कार्य कराए। इस मौके पर सीडीओ आनंद कुमार, पशु चिकित्साधिकारी सहित ग्राम प्रधान, एडीओ पंचायत अहिरोरी, ग्राम सचिव, ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।