हरदोई। उप्र पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के शीर्ष प्रबंधन द्वारा लगभग एक लाख कर्मियों, अधिकारियों के जीपीएफ व सीपीएफ के 26 अरब रुपये गलत ढंग से निवेष किए जाने से नाराज बिजली कर्मी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार पर चले गए।
कार्य से विरत रहे कर्मचारियों ने सांडी रोड स्थित उपकेंद्र/अधिशाषी अभियंता कार्यालय पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने कहा कि यह पैसा कर्मियों की खून पसीने की कमाई है।
गलत निवेश ने कर्मियों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उनको अपेक्षा है कि सरकार इस मसले पर कड़ी कार्रवाई करेगी। संगठन मंत्री सुनील दत्त पंत ने बताया कि मंगलवार को भी कर्मी कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। अध्यक्षता अधिशाषी अभियंता अशोक कुमार ने की। इस मौके पर विनय कुमार त्रिपाठी, मोहित राम, भूपेंद्र प्रताप सिंह, अजय वर्मा, संदीप कुमार, संजय कुमार सिंह, नासिर जमाल, दीपा कश्यप, जाबिर अली, सुशील सिंह, अमन सक्सेना, हिमांशू कुमार, अमरीश दीक्षित, ऋषि बाबू, प्रवीन पांडे, वीरपाल, संतोष गौतम, इंद्रपाल, संतोष, सुनील, कमला देवी, देवेंद्र आदि मौजूद रहे।
कर्मचारियों को लिखित आश्वासन दे सरकार
हरदोई। उप्र पॉवर कर्मचारी संघ की एक बैठक सिटी पॉवर हाउस में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मनोज कुमार ने की। बैठक में जीपीएफ व सीपीएफ घोटाले के विरोध में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया। प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष आशीष त्रिवेदी ने कहा कि जिम्मेदार इस बात की लिखित गारंटी दे कि कर्मियों की भविष्य निधि के रुपये सुरक्षित हैं। साथ ही सेवानिवृत्त होने वाली कर्मियों को तीन माह में ही निगमादेश के अनुसार देयों का भुगतान किया जाए। इस मौके पर अनिल गुप्ता, संजय कुमार, राजेंद्र प्रसाद, सौरभ अवस्थी, अजय मिश्रा, सुनील कुमार, दीपक कुमार, हरिप्रताप सिंह, अखिल कुमार गुप्ता, नागेश्वर वमा, पंकज कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद