हरदोई-लखनऊ मार्ग पर कछौना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बक्शाखेड़ा गांव के पास सड़क पर खड़ी खराब ट्राली में बाइक सवार तीन दोस्त पीछे से जा भिड़े। घटना में दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे ने लखनऊ के ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे।
कछौना कोतवाली क्षेत्र के नैरा गांव निवासी श्रीपाल (30) पुत्र नन्हा औद्योगिक क्षेत्र में एक प्राइवेट कंपनी के सामने होटल चलाते थे। कंपनी के एक अधिकारी का जन्मदिन शुक्रवार को था।
आयोजन में खाना बनाने के लिए श्रीपाल अपने गांव निवासी गोकरन (35) पुत्र होरीलाल व ललित उर्फ राजू (40) पुत्र रामशंकर के साथ गया था। शुक्रवार देर रात दावत खत्म होने के बाद तीनों बाइक से गांव जा रहे थे।
हरदोई-लखनऊ मार्ग पर बक्शाखेड़ा गांव के पास सड़क पर ही ट्रैक्टर-ट्राली खराब खड़ी थी। बाइक सवार तीनों दोस्त पीछे से ट्राली में जा घुसे। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना लाया गया।
यहां डाक्टर ने श्रीपाल और गोकरन को मृत घोषित कर दिया, जबकि ललित की हालत गंभीर बताते हुए उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान ललित ने भी दम तोड़ दिया।
सड़क हादसे में गांव के तीन युवकों की मौत के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल दिखा। रात में परिजन तीनों का ही इंतजार कर रहे थे, लेकिन तीनों की मौत की खबर घर पहुंची।
औद्योगिक क्षेत्र में एक प्राइवेट फैक्ट्री के बाहर होटल चलाने वाले श्रीपाल (30) के परिवार में पत्नी कल्पना के अलावा एक पुत्र गोकरन और एक पुत्री जानू है। कल्पना की अपने पति श्रीपाल से रात 10 बजे मोबाइल पर बात हुई थी।
तब श्रीपाल ने कहा था कि आने में देर हो जाएगी, लेकिन कल्पना को क्या पता था कि उसका पति अब कभी वापस नहीं आएगा। गांव निवासी गोकरन परिवार में पत्नी के अलावा दो पुत्र सुधाकर और प्रभाकर हैं।
दोनों ही बच्चों को रात में पिता के वापस आने का इंतजार था, लेकिन पिता की मौत की खबर ही आई। लखनऊ ट्रामा सेंटर में दम तोड़ने वाले ललित के परिवार में पत्नी के अलावा तीन पुत्र दीपक, शिवा और मुकेश हैं। इनकी आयु तीन से 10 वर्ष के बीच है।
तीनों ही मृतक अपने परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी निभा रहे थे। घटना में तीनों की मौत हो जाने से अब इनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है।