आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित (उकसाने) करने के मुकदमे की सुनवाई कर अपर जिला जज रविंद्र कुमार ने दोषी पति को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केके अवस्थी ने बताया कि शाहजहांपुर के थाना रामचंद्र मिशन अंतर्गत मोहल्ला सराय काईयां निवासी वीरेंद्र उर्फ कलक्टर राठौर ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसने बहन नीलम उर्फ नैनी की शादी घटना से 15 वर्ष पूर्व शाहाबाद थाना क्षेत्र के अल्लापुर सैदी खेल निवासी सुशील कुमार राठौर के साथ की थी।
उसकी बहन को ससुराल वाले परेशान करते थे। उसके बहनोई ने घटना के छह साल पूर्व दूसरी शादी सोनी से कर ली थी। जब वीरेंद्र व उसकी बहन नीलम ने इसका विरोध किया तो सुशील ने नीलम का पैर तोड़ दिया।
कई बार जान से मारने की धमकी दी व मारपीट करते रहते थे। कई बार नीलम को जलाने की कोशिश की थी। नीलम ने यह बात कई बार अपने मायके वालों को बताई थी।
22 जुलाई 2015 को सुशील कुमार ने कमरे के अंदर अपनी पत्नी नीलम उर्फ नैनी को बंद करके पेट्रोल डालकर जलाकर मार डाला। घटना की रिपोर्ट न्यायालय के आदेश पर 22 सितंबर 2015 को दर्ज की गई।
न्यायालय में चले मुकदमे में आरोपी पति पर आत्महत्या के उकसाने का आरोप सिद्ध हुआ। इसके बाद न्यायालय ने सुशील कुमार राठौर को आत्महत्या के उकसाने के अपराध में सात साल की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना न अदा करने पर 4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।