मनरेगा से निरंतर कार्य करने वाले श्रमिकों को आधार
कार्ड से जोड़ने का काम अब प्रगति पर पहुंचने लगा है। शासन के निर्देश पर
सीडीओ ने आधार कार्ड की फीडि़ंग को लेकर काफी प्रयास किया और लापरवाहों पर
कार्रवाई भी की। जिसके चलते ही अब जिले में जाब कार्डधारकों की फीडि़ंग की
प्रगति बढ़ी है और अब जनपद सूबे में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
धनराशि
के भुगतान में होने वाली अनियमितताओं पर रोकथाम को अब वृहद स्तर पर
प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए यूनिक आईडी
नंबर आधार से अब हर व्यक्ति और योजना को जोड़ने की कवायद की गई है। जिसके
ही क्रम में सरकार ने मनरेगा से गांवों में काम करने वाले श्रमिकों को भी
आधार नंबर जारी करने के निर्देश दिए गए।
जाब कार्डधारकों के आधार नंबर
बनाने के बाद उनका बैंक एकाउंट नंबर भी आधार से लिंक अप कराए जा रहे हैं।
जिसका काम जिले में बीते चार माह से चल रहा, पर जिम्मेदारों की लापरवाही से
आधार कार्ड की फीडि़ंग का काम प्रगति नहीं पकड़ पा रहा था।
आधार
कार्डाें की फीड़िंग का काम तेज न होने की वजह से शासन स्तर से भी नाराजगी
व्यक्त की जा रही थी। जिसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास
अधिकारी वीके गुप्ता ने लापरवाहों पर कार्रवाई की। इसके बाद अब आधार कार्ड
की फीडि़ंग बेहतर हो गई है।
जनपद में क्रियाशील 1,66,078 मजदूर के सापेक्ष
46,688 के आधार कार्ड बनने के बाद फीडि़ंग करा दी गई। बताया जा रहा कि आधार
कार्डों की फीड़िंग को लेकर अब जनपद सूबे में तीसरे स्थान पर पहुंच गया
है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि आधार कार्ड की फीडि़ंग का काम जल्द ही
पूरा करवा लिया जाएगा।