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अधर में आधार : ओटीपी में फंसी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी

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आधार में संशोधन और मोबाइल नंबर जुड़वाने के लिए लगी भीड़। - फोटो : आधार में संशोधन और मोबाइल नंबर जुड़वाने के लिए लगी भीड़।
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हरदोई। सरकारी योजनाओं में पंजीकरण और लाभ के लिए आधार की अनिवार्यता ने लोगों की दिक्कतों को बढ़ा दिया है।
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आधार की अनिवार्यता में आधार प्रमाणीकरण के लिए अंगूठा और अंगुलियों के निशान न आने के साथ ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भी न मिल पाना भी समस्या बना हुआ है। आधार कार्ड के साथ मोबाइल नंबर का दर्ज न होना व गलत नंबर जुड़ा होने से ओटीपी नहीं मिल पा रहा है। इससे फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी भी फंस गई है।
फार्मर रजिस्ट्री, राशनकार्ड के पात्र गृहस्थी और अंत्योदय अन्न योजना के कार्डधारकों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। योजनाओं में पंजीकरण और लाभ के लिए आधार नंबर के साथ ही आधार से जुड़े मोबाइल नंबर का आधार कार्डधारक के पास होना जरूरी होने से पंजीकरण और ई-केवाईसी में समस्या आ रही है। इससे किसान और कार्डधारकों के साथ ही विभागों के अधिकारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसान के पास आधार के साथ ही मोबाइल होना जरूरी है। इससे मोबाइल पर ही ओटीपी आने के बाद रजिस्ट्री को अंतिम रूप दिया जा पा रहा है। आधार पंजीकरण और संशोधन के लिए प्रधान डाकघर सहित उप डाकघरों में काउंटर बनाए गए हैं। रसूलापुर के कौशल किशोर, कुलदीप, सोनू, राममूर्ति, कैलाश, रघुवीर, राधारानी, छब्बापुरवा की बड़कोरा और बालकराम राशनकार्ड और किसान सम्मान निधि के साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के लिए आधार में मोबाइल नंबर जुड़वाने के लिए दौड़भाग कर रहे हैं। ऐसे ही तहसील शाहाबाद, बिलग्राम और संडीला में भी किसानों को दौड़भाग करनी पड़ रही है।
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आधार में मोबाइल नंबर जुड़वाने के लिए परेशान हो रहे किसान
माधौगंज क्षेत्र के नेवादा गब्भी गांव निवासी किसान जगदीश के पास आधार तो है, लेकिन उनके आधार के साथ उनका मोबाइल नंबर नहीं जुड़ा है। बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिल रही है। अब पीएम किसान के लिए फार्मर रजिस्ट्री जरूरी की गई है। आधार में मोबाइल नंबर न होने से ओटीपी भी नहीं मिल पा रहा है। इससे फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। बताया कि उप डाकघर में आधार पंजीकरण और संशोधन केंद्र पर पांच दिन से आ रहे हैं। लंबी लाइन के कारण उनकी बारी ही नहीं आ पाती है, जिससे अभी उनका मोबाइल नंबर आधार से नहीं जुड़ पाया है।
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शुक्लापुर गांव के राजकुमार के पास भी आधार है। बताया कि आधार पर मोबाइल नंबर दर्ज कराने के लिए कई दिनों से दौड़भाग कर रहे हैं। माधौगंज बजरिया स्थित उप डाकघर पर संशोधन प्रक्रिया में आधार से मोबाइल जुड़वाने के लिए कई दिनों से आ रहे हैं। कभी बारी नहीं आई तो, कभी सर्वर ने धोखा दे दिया। इससे अभी तक मोबाइल नंबर नहीं जुड़ पाया है, जिससे फार्मर रजिस्ट्री और राशनकार्ड की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है।
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जिले में आधार पंजीकरण और संशोधन के लिए 17 काउंटर बनाए गए हैं। प्रधान डाकघर के साथ ही उप डाकघरों में काउंटर संचालित हैं। पहले से किसानों की ओर से बनवाए गए आधार में से अधिकांश में मोबाइल नंबर नहीं जुड़े हैं या फिर उस समय जुड़वाए गए नंबर अब बंद होने से दिक्कतें आ रही हैं। संशोधन का काम किया जा रहा है। बुजुर्गों के आधार संशोधन में भी अंगूठा और अंगुलियों के निशान न आने से समस्या बन रही है। आंखों की रेटिना से संशोधन आदि का काम कराए जाने का प्रयास है, जिससे संशोधन में समय भी अधिक लगता है। समय अधिक लगने से एक दिन में कम संख्या में ही लोगों के काम हो पाते हैं। -मनोज कुमार, डाक अधीक्षक
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