फोटो 15- रेलवे स्टेशन की ओर सात से आठ सवारियों बैठाकर ले जाता ई-रिक्शा। संवाद
हरदोई। बिलग्राम रोड पर शुक्रवार को कसरावां के पास रोडवेज बस की टक्कर से सीएनजी ऑटो सवार दो युवकों की मौत और छह लोगों के घायल होने की घटना ने शहर में ऑटो ई-रिक्शा की ओवरलोडिंग पर फिर सवाल खड़े कर दिए।
हादसे के समय ऑटो में चालक समेत क्षमता से अधिक लोग सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो की छत तक उड़ गई फिर भी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका। रविवार को भी शहर में कई स्थानों पर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ई-रिक्शे दौड़ते नजर आए। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में 15,879 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं लेकिन इनमें से 6,493 वाहन अभी भी बिना फिटनेस के दौड़ रहे हैं।
वहीं 9,386 ई-रिक्शे फिटनेस वाले हैं। परिवहन विभाग की ओर से नियमानुसार एक ऑटो या ई-रिक्शे में तीन या अधिकतम चार सवारियां बैठा सकते हैं। बावजूद इसके शहर में रेलवे स्टेशन, रोडवेज, सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा, सिनेमा रोड, लखनऊ चुंगी और बिलग्राम चुंगी समेत कई प्रमुख मार्गों पर सवारियां भरने के दौरान ऑटो, ई रिक्शा चालक छह से आठ सवारियां भरकर क्षमता का ध्यान नहीं रखते हैं। अधिक फेरे और ज्यादा कमाई के चक्कर में यात्रियों को ठूंसकर वाहन चलाए जा रहे हैं।
पिछले छह महीने में 415 ई-रिक्शों पर कार्रवाई
नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शाें के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 415 ई-रिक्शों के चालान किए गए जबकि 51 वाहनों को सीज कर कार्रवाई की गई। इसके बावजूद क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने की शिकायतें आती रहती हैं। फिर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - -अरविंद कुमार सिंह, एआरटीओ