हरदोई। तहसील सदर के फरीदापुर गांव में अपात्रों को दिए गए कृषि आवंटन के प्रस्ताव को खारिज करने से आवंटन पाए काश्तकारों के साथ ही इससे जुड़े लोगों में खलबली है।
कृषि आवंटन की भूमि को फिर से सरकार के पक्ष में अभिलेखों में दर्ज कराया जाएगा। डीएम ने इसकी जिम्मेदारी सदर एसडीएम को सौंपी है। अपात्रों को कृषि आवंटन के दोषियों में तत्कालीन नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई के लिए राजस्व परिषद को पत्र लिखा जाएगा।
सदर तहसील के फरीदापुर गांव में भूमिहीनों को कृषि आवंटन से वंचित रखते हुए 71 अपात्रों को करीब 150 बीघा से अधिक भूमि कृषि आवंटन में दी गई थी। डीएम एमपी सिंह ने प्रस्ताव को न्यायालय में सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है। प्रस्ताव खारिज किए जाने से जुड़ी खबर को अमर उजाला ने 13 अगस्त के अंक में प्रथम पेज पर ‘हरदोई में अपात्रों को बांट दी गई डेढ़ सौ बीघा सरकारी जमीन’ शीर्षक से प्रकाशित की थी।
खबर प्रकाशन के बाद कृषि आवंटन पाए काश्तकारों के साथ ही इससे जुड़े लोगों में खलबली मची रही। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि 30 मई 2023 के एसडीएम के कृषि आवंटन में अपात्रों के लिए किए गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। साथ ही कृषि आवंटन में दी गई भूमि को दोबारा से सरकार के पक्ष में अभिलेखों में दर्ज किए जाने के आदेश सदर एसडीएम को दिए गए हैं।
बताया कि तत्कालीन लेखपाल सोमेश शुक्ला और तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजकुमार पर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया के आदेश अपर जिलाधिकारी को दिए गए हैं, जबकि तत्कालीन नायब तहसीलदार वर्तमान में तहसील सवायजपुर में तैनात आभा चौधरी, तत्कालीन तहसीलदार वर्तमान में इटावा में एसडीएम के पद पर तैनात डॉ. प्रतीत त्रिपाठी और तत्कालीन एसडीएम वर्तमान में फर्रुखाबाद में एडीएम न्यायिक के पद पर तैनात स्वाति शुक्ला के विरुद्ध कार्रवाई के लिए राजस्व परिषद को पत्र लिखा जाएगा।
फरीदापुर में 71 अपात्रों का कृषि आवंटन के मामले में दोषी पाए तहसील सदर में तैनात रहे तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजकुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। बताया कि तत्कालीन राजस्व निरीक्षक को स्वास्थ्य कारणों को दर्शाते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है।