पिहानी। इलाके के उसमानपुर गांव में टीकाकारण के बाद डेढ़ माह के मासूम की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि वैक्सीन के रिएक्शन से बच्चे के शरीर में चकत्ते पड़ गए और पूरा शरीर नीला पड़ गया था। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि कई अन्य बच्चों का टीकाकारण किया गया। इसीलिए इसे टीकाकारण का रीएक्शन नहीं कहा जा सकता। फिर भी वह मामले की जांच कराएंगे।
उसमानपुर गांव निवासी गुलाम वारिस का पुत्र रोहेल (45 दिन) को शनिवार दोपहर सीएचसी की एएनएम ने डीपीटी और पोलियो का टीका लगाया था। परिजनों के अनुसार टीकाकरण के कुछ ही देर बाद बच्चे के शरीर में चकत्ते पड़ने लगे और शरीर नीला होने लगा। वह सब उसे इलाज के लिए ले जाने की तैयारी में ही थे कि बच्चे ने दम तोड़ दिया।
पिता के अनुसार टीका लगाने, या रखरखाव में जरूर कोई दिक्कत रही, जिससे उसके बच्चे की मौत हुई है। पिता ने टीकाकारण से पहले या बाद में कोई भी दवा आदि बच्चे को दिए जाने से भी इनकार किया। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव ने मौत का कारण वैक्सीन का रीएक्शन होने से इनकार करते हुए कहा कि यदि वैक्सीन में कोई कमी होती तो अन्य सात बच्चों को भी वही टीके लगे, पर अन्य किसी को नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक टीम भेज कर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।