ग्रीन यूपी क्लीन यूपी बेटी पढ़ाओ, पेड़ लगाओ का नारा
देते हुए पूरे प्रदेश की भांति जिले में वन महोत्सव सप्ताह पूरे जोश के
साथ मनाया गया और सात दिनों में 36 हजार 500 पौधे रोपित करने का लक्ष्य भी
काफी हद तक पूरा कर दिया गया, पर जिले का दुर्भाग्य कहें या वन विभाग की
लचरता कि इस सप्ताह भी जनपद में हरे पेड़ों का अवैध कटान नहीं बंद हो सका
और जहां एक ओर जिले में हरियाली आती दिखी, वहीं दूसरी ओर निर्दोष हरियाली
पर आरी चलती दिखाई दी।
बताया गया कि वन विभाग औसतन हर वर्ष 5 से 7 लाख
पौधेे रोपित कराता है। इसमें 25 से 30 फीसदी पौधे सूख जाते हैं और शेष
पौधे जो वृक्ष बनते है, उससे कहीं ज्यादा वृक्ष हर साल कट जाते है। इसी तरह
से पर्यावरण संतुलन के लिए महती जरूरत वाले जल संचयन के मुख्य वाहक कुओं
एवं तालाब पट चुके हैं।
जिले की कुल 1101 ग्राम पंचायतों में औसतन हर गांव
में 10 से 12 कुएं 4 से 5 ढकुली और 2 से तीन चरख एवं 6 से 8 तालाब हुआ करते
थे, पर अब इनकी संख्या काफी कम हो गई है। नारा तो सभी लोग देते हैं कि एक
वृक्ष काटने के लिए पहले चार पौधों को लगाकर उन्हें सींचना चाहिए, पर ऐसा
फिलहाल जिले में होता नहीं दिखा।
जिससे जिले में सरकारी एवं निजी क्षेत्र
की बागवानी मिलाने के बाद भी हरियाली का कुल क्षेत्रफल करीब 6 लाख हेक्टेयर
का तीन प्रतिशत से भी कम है। प्रति वर्ष लाखों पौधे रोपित होने के बाद
भी जिले में वन विभाग का हरियाली क्षेत्र महज 11,962 हेक्टेयर है।
इससे
अंदाजा लगाना सहज है कि जिले में पौधरोपण को लेकर संबंधित विभाग कितना सजग
है। प्रदेश सरकार के आह्वान पर एक से सात जुलाई के मध्य वन महोत्सव सप्ताह
पूरे जिले में मनाया गया और सात दिनों में हजारों पौधे रोपित कर जिले को
ग्रीन बनाने का प्रयास भी किया गया, पर अवैध कटान ने इस वन महोत्सव सप्ताह
को भी नहीं बख्शा।
मल्लावां, कछौना सहित कई जगहों पर अवैध कटान होते रहे और
वन विभाग शांत रहा। प्रभागीय निदेशक रेणु सिंह का कहना है कि अबकी वन
विभाग ने न सिर्फ इस सप्ताह अपना पूरा प्रयास किया है और लोगों को पौधरोपण
के प्रति जागरूक किया है, बल्कि अवैध कटान को भी रोका गया है।
बताया कि
जहां से शिकायतें आईं, वहां कार्रवाई की गई। इसके अलावा इस वर्ष वन विभाग
का लक्ष्य 384 हेक्टेयर एवं विभागों सहित कुल 744 हेक्टेयर भूमि पर चार लाख
83 हजार 963 पौधरोपण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा
कि समस्त रेंज अफसरों को कटान व वन्य जीवों के जीवन से खिलवाड़ करने वालों
पर सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।