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Hardoi News: चार घंटे की कवायद, डॉक्टर ने देखा बस एक मिनट

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फोटो- 36- ओपीडी में कॉरिडोर के बाहर तक लगी मरीजों की लंबी कतार। संवाद
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर के केबिन तक पहुंचने के लिए मरीजों को तीन से चार घंटे की मशक्कत करनी पड़ती है। घंटों लाइन में लगने के बाद मरीज डॉक्टर तक पहुंचते हैं तो महज एक मिनट में परामर्श देकर विदा कर दिया जाता है। इलाज कराने आए मरीजों को ऐसी ही दुर्दशा रोज ही झेलनी पड़ रही है। वहीं लंबी लाइनों में खड़े-खड़े बुजुर्गों के पैर जवाब दे जाते हैं महिलाएं और बच्चे भी थक कर चूर हो जाते हैं।
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बारिश के बाद निकली धूप के कारण वायरल और अन्य बीमारी के मरीजों में इजाफा हुआ है। ओपीडी में रोजाना 2500 से 3000 मरीज अलग-अलग विभागों में परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में मरीजों का हुजूम उमड़ा हुआ है। बता दें कि भीड़ अधिक होने के कारण पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष और दवा वितरण खिड़की तक लंबी कतारें लग रही हैं। इतना ही नहीं लंबी लाइनों की वजह से कई बार धक्कामुक्की की स्थिति भी बन जाती है।
एक तो उमस भरी गर्मी उस पर घंटों का इंतजार मरीजों से लेकर तीमारदार तक पस्त हो जाते हैं। आलम यह होता है कि कई बार बुजुर्गों को सहारे की जरूरत पड़ जाती है तो कतार में खड़ी महिलाएं भी थक कर फर्श पर बैठी नजर आती हैं। बैठने और पीने के पानी का पर्याप्त इंतजाम न होने से भी मरीज और तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है।
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मरीजों की जुबानी, अव्यवस्था की कहानी
इलाज कराने के लिए सर्जरी विभाग में टड़ियावां के बरगदिया निवासी मनोज सुबह साढ़े सात बजे ही आ गए थे। करीब तीन घंटे लाइन में लगने के बाद डॉक्टर साहब के पास पहुंचे लेकिन उन्होंने हाल पूछा और एक मिनट में दवा लिखकर बाहर कर दिया। पूरी बात तक बताने का मौका नहीं दिया।


पुरा बहादुर निवासी राजेश सुबह नौ बजे से पर्चा बनवाने की लाइन में लग गए थे। हड्डी विभाग में दिखाने आए थे। कमर और पैरों में दर्द की शिकायत है लेकिन लाइन में खड़े-खड़े परेशान हो गए। बैठने के लिए पर्याप्त बेंच तक की व्यवस्था नहीं है। तीन घंटे कतार में खड़े रहने से दर्द और बढ़ गया।

ओपीडी में विभागों का हाल
कुल पंजीकृत मरीज: 2,850
मेडिसिन विभाग: 516
हड्डी रोग (ऑर्थो) विभाग: 485
त्वचा रोग: 310
बाल रोग: 398
टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग: 265


मौसम में गर्मी बढ़ने से मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। सभी डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को पूरा समय दें और संवेदनशीलता से इलाज करें। भीड़ प्रबंधन के लिए सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी बढ़ाई गई है और बैठने की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य

फोटो- 36- ओपीडी में कॉरिडोर के बाहर तक लगी मरीजों की लंबी कतार। संवाद

फोटो- 36- ओपीडी में कॉरिडोर के बाहर तक लगी मरीजों की लंबी कतार। संवाद

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