फोटो 29: एडीएम प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी। संवाद
हरदोई। करीब 22 साल बाद हो रहे विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के एसआईआर (विशेष सघन पुनरीक्षण) अभियान की शुरुआत हो गई। एसआईआर के दौरान (बीएलओ) बूथ लेवल आफीसर को परिवार के मुखिया को प्रपत्र की एक प्रतिलिपि देनी होगी जिससे परिवार के मुखिया व सदस्यों को पता रहे कि सूची में कौन-कौन से नाम शामिल रहेंगे और किन नामों को सूची से हटाया जा रहा है। अनंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के समय मिलान में गड़बड़ी को पकड़ा जा सकेगा और उसे दुरूस्त कराने के लिए दावा और आपत्ति दाखिल किए जाने का मौका मिलेगा।
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के एसआईआर में इस बार पुनरीक्षण के समय एक नई व्यवस्था प्रभावी की गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को शुद्ध और सही-सही तैयार कराए जाने और मतदान के समय मिलने वाली शिकायतों की संख्या कम किए जाने के उद्देश्य से पुनरीक्षण प्रपत्र की एक प्रतिलिपि परिवार के मुखिया को दिए जाने की व्यवस्था दी है। उस व्यवस्था में बीएलओ की तरफ से किए जाने वाले पुनरीक्षण का पूरा ब्योरा प्रपत्र पर अंकित किया जाएगा। जिस पर बीएलओ अपने हस्ताक्षर के साथ ही संबंधित परिवार के मुखिया व वरिष्ठ सदस्य के हस्ताक्षर कराएगा। संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्रपत्र की एक प्रति बीएलओ परिवार के मुखिया को देंगे और अपने पास रखी गई प्रति को विधानसभा क्षेत्र के (वीआरसी) वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर पर जमा करेंगे।
बताया गया कि बीएलओ की तरफ से वीआरसी पर जमा किए गए प्रपत्र के आधार पर ही मतदाता सूची में नाम शामिल और सूची में शामिल नामों को हटाया जा सकेगा। साथ ही पहले दर्ज नामों के विवरण में संशोधन भी उसी आधार पर किया जा सकेगा। जिससे एसआईआर के बाद तैयार होने वाली मतदाता में गड़बड़ी की गुंजाइश कम रह जाएगी, फिर भी आयोग ने मतदाता सूची के अनंतिम प्रकाशन के साथ ही दावा और आपत्ति लिए जाने का प्रावधान किया है।
सात फरवरी को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन : प्रफुल्ल त्रिपाठी
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची एसआईआर के बाद तैयार कराई जाएगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम न्यायिक प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एक जनवरी 2026 को 18 साल आयु के आधार पर नाम जोड़ने की प्रक्रिया कराई जा रही है। बताया कि सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कराया जा रहा है। बताया कि घर-घर पुनरीक्षण और गणना का काम चार दिसंबर तक किया जाना है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के आठ दिसंबर तक तैयार करा लिए जाएंगे और नौ दिसंबर को अनंतिम प्रकाशन किया जाएगा। बताया कि उसी दिन नौ दिसंबर से आठ जनवरी तक दावा और आपत्तियां ली जाएगी। दावे और आपत्तियों का निराकरण नौ दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन सात फरवरी 2026 को किया जाएगा।