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Hardoi News: 1987 से पहले जन्मे व्यक्ति को जन्म प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर की नकल जरूरी

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फोटो-27- माधौगंज में भी एसआईआर से संबंधित बूथ पर कार्य करते डॉ़ अश्वनी कुमार गौतम व कर्मचारी। स
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माधौगंज। विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दूसरे चरण में नो मैपिंग पर नोटिस की सुनवाई शुरू हो गई है।
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कुछ ने एसआईआर प्रपत्र में सही जानकारी दी और नोटिस पर साक्ष्य देने के लिए सुनवाई शिविर में साक्ष्य देने के लिए आ रहे हैं। वहीं, 1987 से पहले जन्मे व्यक्तियों को जन्म प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल अनिवार्य कर दी गई है। साक्ष्य के लिए अब ऐसे व्यक्तियों को परिवार रजिस्टर की नकल या फिर जन्म प्रमाण पत्र बतौर साक्ष्य जुटाने के लिए मेहनत करनी पड़ रही है।
दूसरे चरण में नो मैपिंग वाले मतदाताओं को सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की तरफ से नोटिस दिए जाने के साथ ही सुनवाई भी की जाने लगी है। यहां पर ब्लॉक संसाधन केंद्र पर नोटिस मिलने के बाद तय तारीख पर लोगों का आना शुरू हुआ है। नोटिस पर मांगे गए साक्ष्य के साथ जवाब देने वाले व्यक्तियों की सभी औपचारिकताएं पूरी किए जाने के साथ ही उनके नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
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वहीं, साक्ष्य न दे पाने वाले व्यक्तियों को उनकी आयु यानी कि जन्मतिथि के आधार पर साक्ष्य जुटाने की सलाह देते हुए सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की जा रही हैं ताकि मतदाता सूची में सही लोगों के नाम शामिल हो सकें। सभी पांच पोलिंग स्टेशन पर कर्मचारियों ने नोटिस पर सुनवाई से पहले साक्ष्यों का मिलान किया। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बिलग्राम-मल्लावां की पोलिंग स्टेशन संख्या-153 कंथरी की ऊषा देवी साल-2003 में वोटर नहीं थीं। शादी के बाद यहां वोट बना और मैपिंग नहीं हो पाई इसलिए नोटिस जारी हुआ। परिवार रजिस्टर की नकल और आधार देकर मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
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केस एक :
विधानसभा क्षेत्र बिलग्राम-मल्लावां की पोलिंग स्टेशन संख्या-119 सहिजना की मतदाता सूची में शामिल रहीं जानकी पत्नी राम किशोर की एसआईआर में मैपिंग नहीं हो पाई। नोटिस पर शनिवार को सुनवाई के दौरान जब वह आईं तो बताया कि एसआईआर प्रपत्र पर साल 2003 की मतदाता सूची के मांगे गए विवरण में मायके की मतदाता सूची का विवरण नहीं दे पाईं थीं जिससे मैपिंग नहीं हुई। मायके का विवरण लाकर कर्मचारियों को प्राप्त कराने पर नोटिस का निस्तारण किया गया।
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केस दो :
बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र की पोलिंग स्टेशन संख्या-103 नेवादा गब्भी के ईश्वर चंद्र ने एसआईआर प्रपत्र ही नहीं भर पाया था। इससे उनका नाम नो मैपिंग में चला गया। नोटिस मिलने पर सुनवाई के दौरान सभी औपचारिकता पूरी कर निस्तारण कराया गया।
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केस तीन :
बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र की पोलिंग स्टेशन संख्या-340 मटियामऊ के देशराज ने बताया कि फॉर्म भरने में उनसे त्रुटि हो गई थी लेकिन इसकी जानकारी नोटिस मिलने पर हुई। नोटिस पर साक्ष्य सहित जवाब देने के लिए जरूरी अभिलेख जुटा लिए गए हैं।
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केस चार :
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बिलग्राम-मल्लावां की पोलिंग स्टेशन संख्या-355 बाबटमऊ के रामू का जन्म साल-1964 का होने के कारण उनकी मैपिंग नहीं हो पाई। पोलिंग स्टेशन पर आने पर जन्म प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल की मांग की गई। बताया कि दोनों अभिलेख उनके पास नहीं थे और साक्ष्य के साथ जवाब दाखिल नहीं कर पाए। दोबारा नोटिस मिलने पर प्रपत्र सहित जवाब देने के लिए कहा गया है।
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एसआईआर अभियान के दूसरे चरण में नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस दिए जाने के साथ ही सुनवाई भी की जा रही है। आयोग ने साक्ष्य के रूप में 13 प्रपत्रों को मान्यता दी है। नोटिस पर जवाब देने के लिए साल-1987 से पहले के जन्म लेने वाले लोगों को साक्ष्य के तौर पर जन्म प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल देना होगा। वहीं, साल-1987 से 2004 तक जन्म लेने वाले लोगों को नोटिस पर माता-पिता के अभिलेख जरूरी हैं। -गिरजेश कुमार, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी
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