पिहानी (हरदोई)। स्थानीय मंडी परिसर में बारदाना खत्म होने के कारण तौल के इंतजार में खुले में रखा सैकड़ों कुंतल गेहूं मंगलवार की रात हुई बारिश में भीग गया। अपनी आंखों के सामने मेहनत पानी फिरता देख मंडी में गेहूं की रखवाली कर रहे किसानों के आंसू आ गए। किसानों ने अपनी इस बर्बादी का सीधा जिम्मेदार प्रशासन को ठहराया है। मंडी में लगा क्रय केंद्रों का गेहूं मामूली रूप से भीगा है। जानकारों का कहना है कि बोरे में रखे गेहूं पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
क्षेत्र में लगे तीनों गेहूं क्रय केंद्रों पर कई दिनों से बारदाना खत्म होने के कारण तौल बंद है। कर्मचारी कल्याण निगम के केंद्र पर जारी तौल पर भी प्रभाव पड़ा है। सभी केंद्रों पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम और एसएफसी पर किसान दस-दस दिन से बारदाना आने की बाट जोह रहे हैं। केंद्रों पर गेहूं को बारिश आदि से बचाने के इंतजाम पहले से नहीं हैं। ऐसे में शुरू से ही यहां गेहूं भीगने का खतरा था। इससे अमर उजाला ने भी जिम्मेदारों को आगाह किया था, किंतु प्रशासन कान नहीं दिए। मंगलवार/बुधवार की रात लगभग डेढ़ बजे तेज आंधी के साथ हुई बारिश में स्थानीय मंडी परिसर में तौल के इंतजार में लगा सैकड़ों कुंतल गेहूं तिरपाल आदि की उचित व्यवस्था न होने से भीग गया। क्रय केंद्रों का बोरे में लगा गेहूं भी मामूली भीगा है। तिरपाल आदि की व्यवस्था होने और गेहूं बोरों में होने से कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। अपना गेहूं भीगता देख मंडी में मौजूद किसानों जसपाल सिंह, बसंत, गुरविंदर, आनन्द प्रकाश आदि ने कहा कि अब तौल शुरू भी हो गई तो उन्हें पहले गेहूं के सूखने का इंतजार करना होगा। आक्रोशित किसानों ने कहा कि एक तो तौल के इंतजार में उनके दूसरे काम रुके हैं, ऊपर से बंदरों की फौज से माल की तकवाही करने में भी पसीने छूट रहे हैं। अब बारिश से माल को बचा पाना दुष्कर होगा। किसानों ने प्रशासन से बारदाना उपलब्ध कराए जाने के साथ तिरपाल आदि की भी व्यवस्था कराने की मांग की है।