हरदोई। मनरेगा में बड़े घपले का भंडाफोड़ होने से भरखनी ब्लाक समेत अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। कर्मियों के नाम पर तो मजदूरी निकाली ही जा रही, स्वर्ग सिधारे लोगों को भी मस्टर रोल पर फावड़ा चलाते दर्शाया जा रहा है। उधर, अफसरों ने मामले के जांच की जांच को कहा है।
मनरेगा में चाहे ही कितनी पारदर्शिता लाने का दम भरा जाए, पर जरूरतमंदों व पात्रों को कम जिम्मेदारों को इसका लाभ कुछ ज्यादा ही मिल रहा है। गरीबों के घरों के चूल्हों को फूंकने को दी जाने वाली राशि प्रधानों व सचिवों की जेबों में जमा होने की बात कई बार प्रकाश में आई, पर अबकी भरखनी ब्लाक में मृतकों को जिंदा दिखा काम करना दर्शा मजदूरी निकाल कर बंदरबांट कर लिया गया। ब्लाक की ग्राम पंचायत हथौरा में वित्तीय वर्ष 11-12 के बीच वेबसाइट पर रिपोर्ट आफ पेमेंट टू वर्कर में 129 पर मुन्नू जिसकी जॉब कार्ड संख्या 023022001/209 है के नाम मनरेगा में मजदूरी 25 नवंबर से 29 दिसंबर तक दर्शाई गई है, पर उसकी मौत 25 अक्तूबर को ही हो चुकी है। क्रमांक 35 पर अंकित श्रीश कु मार जिनका जॉब कार्ड संख्या 023022001/12 है का मनरेगा में मजदूरी कार्य 25 नवंबर से 29 दिसंबर तक 35 दिन की 42 सौ रुपए दर्शाई गई है, जबकि उक्त जॉब कार्डधारक बैंक आफ बड़ौदा शाखा खुटार शाहजहांपुर में लिपिक पद पर एक दिसंबर 11 को ार्यभार ग्रहण कर चुका है। क्रमांक 170 पर अंकित अवनीश जिसकी जाब कार्ड संख्या 023022001/292 है का मनरेगा में मजदूरी कार्य एक नवंबर 11 से 14 दिन एवं 15 नवंबर से 14 दिन मजदूरी 3360 रुपए दर्शाया गया, जबकि उक्त जॉब कार्डधारक ने इन्हीं दिनों में अपने मृतक पिता विद्याचरन के स्थान पर प्राथमिक पाठशाला रजुआपुर विकास खंड भरखनी में चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत है। क्रमांक 48 पर अंकित विनय कुमार व 255 पर विनय कुमार एक ही व्यक्ति हैं, जिन्होंने मनरेगा में कभी कार्य ही नहीं किया और फर्जी अंकन करके कु ल 62 दिनों के 7440 एवं 42 दिन के 5042 रुपए का प्रधान द्वारा गबन किया गया है। इसका खुलासा गांव के ही महेंद्र सिंह द्वारा सीएम, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री व बीडीओ के अलावा बड़े अफसरों को भेजे शिकायती पत्र में हुआ है। उधर, सीडीओ एके द्विवेदी ने बताया कि मामला अभी संज्ञान में नहीं था। उनके पास शिकायत पहुंची है तो जांच करवाई जाएगी तथा आरोप सिद्ध होने पर कार्रवाई भी निश्चित रूप से की जाएगी।