हरदोई। लगभग सवा लाख आबादी वाले शहर में बीएसनएल ने करोड़ों रूपये खर्च कर चारों तरफ टावरों एवं मोबाइल बीटीएस का जाल बिछा रखा हैं इसके बाद भी शहर में मोबाइल सेवाएं बदहाल हैं। आवाज की अस्पष्टता से लेकर काल के दौरान काफी व्यवधान होता है। कुछ स्थानों पर ठीक तरह से बात नहीं हो पाती है। इसके बावजूद बीएसएनएल के अफसर लोगों से फीडबैक लेने के बजाय महज खानापूरी कर रहे हैं।
शहर में बीएसनएल ने टूजी मोाबाइल सेवाओं के दस तथा थ्रीजी मोबाइल सेवाओं के लिए छह बीटीएस लगा रखे हैं। बीएसएनल के इतने ज्यादा बीटीएस होने के बाद भी मोबाइल सेवाएं बेहाल है। सूत्रों का कहना है बीटीएस को चेक करने के लिए संबंधित कंपनी के इंजीनियरों की टीम जब यहां आती हैं तो नियमानुसार संबंधित जेटीओ और एसडीओ को टीम के साथ संबंधित क्षेत्र में जाकर सेवाओं की जांच के साथ संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं से फीड बैंक लेना चाहिए। मगर यहां ऐसा करने के बजाय स्विच रूम में बैठ कर या मोबाइल बीटीएस की साइट पर जाकर बीटीएस के तीनों सेक्टरों को ओके देखकर निरीक्षण की खानापूर्ति कर दी जाती हैं। जब कि लाख टके का सवाल है जब बीटीएस के सभी सेक्टर ओके हैं तो फिर सेवाओं में व्यवधान क्यों होता हैं और शहर के कुछ स्थानों से बात करने में समस्या क्यों आ रही हैं।