हरदोई। गरीबों को आवास मुहैया कराने की सरकार द्वारा संचालित योजनाएं जिम्मेदारों की लापरवाही से फेल होती जा रही हैं। आवास योजना के लिए सरकार से धनराशि देने के बावजूद सभी लाभार्थियाें को धनराशि का आवंटन अभी तक नहीं हो सका। ग्राम्य विकास आयुक्त द्वारा की गई समीक्षा में जिले की ऐसी स्थिति नहीं मिलने पर नाराजगी जताई।
आवासहीन गरीबों को घर मुहैया कराने को आवास योजनाएं संचालित होती हैं। केंद्र के सहयोग से इंदिरा आवास और प्रदेश सरकार द्वारा सूबे में लोहिया आवास योजना चलाई जा रही है। दोनों पर लाभार्थियों को आवास बनाने को धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 14-15 के अंतर्गत स्वीकृत आवास के सापेक्ष अभी तक काफी कम लाभार्थियों को प्रथम किश्त की धनराशि अवमुक्त कराई गई है। प्रदेश स्तर से ग्राम्य विकास आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग कामरान रिजवी ने अभी 27 अक्तूबर सोमवार को ही समीक्षा की, जिसमें आवासों की स्थिति प्रदेश में दयनीय होने पर असंतोष जताया।
बताया गया कि लोहिया आवास से प्रदेश में 54,545 आवास दिए गए, जिसमें 13,947 को ही प्रथम किश्त मिली। हरदोई के 1865 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 20 फीसदी आवासों के लाभार्थियों को प्रथम किश्त मिली। इंदिरा आवास योजना में प्रदेश म्रें 4,23872 लाभार्थियोें के सापेक्ष 1,96,244 आवास स्वीकृत हुए जिनके सापेक्ष 1,22,301 लाभार्थियोें को ही प्रथम किश्त मिली। जिसमें हरदोई में लक्ष्य के अनुरूप सिर्फ 15 फीसदी लाभार्थियों को आवास मिले हैं। जिले की ऐसी स्थिति पर आयुक्त ने नाराजगी जता लाभार्थियों को प्रथम किश्त का आवंटन करने के निर्देश दिए हैं।