हरदोई। शारदीय नवरात्र का महान पर्व उत्सव के रूप में मनाया जा रहा हैं। गुरुवार को घरों और मंदिरों में मां भवानी के आठवें स्वरूप मां महागौरी व नवी मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना हुई। नवरात्र में प्रथम दिन और अष्टमी का खासा महत्व होता हैं। जिसके चलते गुरुवार को मंदिर पहुंचने वालों की भीड़ काफी रही और देवी भक्तों ने पूजा आराधना के साथ मां के जयकारे लगाए, जिससे वातावरण भक्तिमय बन गया।
शारदीय नवरात्र पर्व की अष्टमी पर गुरुवार को शहर में मां श्रवण देवी मंदिर स्थित मंदिरों के अलावा आर्यकन्या पाठशाला रोड स्थित मां संतोषी माता के मंदिर सहित अन्य मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्ताें ने पहुंचकर मां के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में भक्तों ने पूरी श्रद्धा एवं आस्था के साथ मां के जयकारे लगाएं। हर तरफ बस मां के गुणगान के स्वरों से पूरे शहर में वातावरण भक्तिमय बन गया। नौ दिन तक चलने वाले इस पावन पर्व का शुभारंभ 25 सितंबर को प्रथम दिन मां शैलीपुत्री स्वरूप की पूजा से हुई थी। गुरुवार को अष्टमी मनाई गई। इस दौरान हजाराें लोगों ने पूरे उपवास रखकर मां की आराधना की। इनके उपवास का संकल्प शुक्रवार को पूर्णता प्राप्त करेगा।
इसके अलावा लाखों लोग मां को प्रसन्न करने को नवरात्र के प्रथम दिन एवं अष्टमी को उपवास रखते हैं और अष्टमी और नौंवीं को पूजन के साथ कन्या भोज का आयोजन करते हैं। मान्यता हैं मां की कृपा से लोगों को सुख समृद्धि की प्राप्त होती हैं। मां अपने भक्तों की हर तरह से रक्षा करते हुए उन्हें सुख शांति प्रदान करती हैं। नवरात्र में मां की आराधना से लोगों के कष्ट तो दूर हो जाते हैं। मां के भक्तों की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। मां भगवती की पूजा करने से लोगों के समस्त क्लेशों का नाश हो जाता हैं। मां अपने भक्ताें पर सदैव कृपा करती हैं। मां सभी का कल्याण करने वाली मनवांछित फलों को देने वाली सारे जगत की जगदंबा हैं। इनकी शरण में जो कोई आता हैं वो निराश नहंी जाता हैं।
उधर, शारदीय नवरात्र महोत्सव पर अष्टमी पर आचार्यों ने मां को प्रसन्न करने को वैदिक रीति के अनुसार मंत्रोच्चारण के साथ हवन पूजन संपन्न कराया। नवरात्र पर्व में मां के भक्तों द्वारा मां की आराधना की जाती हैं। बहुत से लोग मां को प्रसन्न करने को नवरात्र अवधि में उपवास रखते हैं। इसके साथ ही अष्टमी और नौंवीं के दिन विशेष हवन पूजन कार्यक्रम होता हैं। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर आज देवी भक्तों ने मां का पूजन अर्चन करने के अलावा हवन भी कराया। मां का हवन कार्यक्रम आचार्यों द्वारा संपन्न कराया। बताया कि नियम और विधि विधान से होने वाले पूजन से मां प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
इसके अलावा त्रिनेत्र फाउंडेशन समिति द्वारा हो रहे त्रियोदशम भव्य महादुर्गा पूजा के तहत नई बस्ती में लगे पंडाल में श्रद्धालुओं के द्वारा पूजन अर्चन का कार्यक्रम चला, तो सार्वजनीन दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में अग्रवाल धर्मशाला में भी 44वें दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान पूजन अर्चन किया गया। अध्यक्ष नितीश कृष्ण मुखर्जी ने बताया कि तीन अक्तूबर को विजय दशमी का कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसके बाद शोभा यात्रा व मूर्ति विसर्जन का कार्यक्रम होगा। मूर्ति विसर्जन इटौली पुल पर किया जाएगा।