हरदोई। पंचायत राज विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों पर पंचायत सहायकों की भर्ती का फैसला लेने पर ग्राम रोजगार सेवकों ने नाराजगी जताई। ग्राम रोजगार सेवकों ने भर्तियों पर रोक लगाने की मांग करते हुए पदों पर संबद्धीकरण कराने की मांग की। साथ ही बकाया भुगतान की मांग करते हुए मानदेय की समस्या को समाप्त करने को पृथक बजट देने को आवाज उठाई।
ग्राम रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा है। ग्राम रोजगार सेवकों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के प्रदेश कमेटी सदस्य मनमोहन सिंह और जिलाध्यक्ष मो. इमरान सिद्दीकी ने बताया कि उनका चयन मनरेगा योजना के अंतर्गत किया गया और चयन के बाद से वह लोग काम करते आ रहे हैं, पर शासन द्वारा आज तक उनकी बेहतरी को लेकर कुछ कार्य नहीं किया गया, जिससे वह लोग अत्यंत परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायत सहायक की भर्ती करने का फैसला किया गया है।
चूंकि वह लोग ग्राम पंचायत स्तर पर काम करते आ रहे हैं, ऐसे में नवीन भर्तियों पर रोक लगाकर उन लोगों का संबद्धीकरण किया जाए। भुगतान की समस्याओं से अवगत कराते हुए नियत मानदेय भुगतान करने तथा प्रशासनिक मद से भुगतान न कर पृथक रूप से बजट जारी करने की मांग की। दुर्घटना बीमा, मानदेय वृद्धि व नियत मानदेय को लागू करने तथा ग्राम रोजगार सेवकों के मार्गदर्शन को ट्रेनिंग दिलाने की भी मांग की। ग्राम रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट लक्ष्मीशंकर सिंह को सौंपा है। धरने में दिनेश पाल सिंह, अनिल द्विवेदी, सत्यपाल यादव, रकीम खान, प्रदीप कुमार, रोहित दीक्षित व हर्ष राज आदि मौजूद थे।