हरदोई। श्री सिद्धि विनायक मराठा एवं सर्राफा कमेटी के तत्वावधान में सिनेमा रोड पर स्थित कंपाउंड में चल रहे श्री गणेश उत्सव का शनिवार को समापन हुआ। शिराज क्रीड़ा मंडल महाराष्ट्र से आए कलाकारों एवं आचार्यो ने विघभन विनाशक गजानन की विधि-विधान से पूजा की।
श्री सिद्धि विनायक मराठा मंडल एवं सर्राफा कमेटी के तत्वावधान में 29 अगस्त से चल रहे गणेश उत्सव का समापन शनिवार को विसर्जन के साथ हुआ। विसर्जन कार्यक्रम को लेकर खास तौर पर महाराष्ट्र से बुलाए गए कलाकारों ने ऐसा समा बांधा कि भक्त जन झूमते नजर आए। इधर मराठा मंडल के द्वारा भी गणपति बप्पा का विधि विधान से पूजन व आरती आदि का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर सर्राफा कमेटी अध्यक्ष अनिल महेंद्रा, अक्षय महेंद्रा, गोपाल मेहरोत्रा, नीरज कपूर, प्रदीप रस्तोगी, भोला नाथ रस्तोगी, अभिषेक रस्तोगी, विष्णु प्रजापति, दीपक वर्मा, लल्लू गुप्ता, राजा रस्तोगी, दीपू कपूर, राजीव भल्ला, शिव नारायन, अशोक कु मार आदि मौजूद रहे।
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गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ
हरदोई। गणपति बप्पा मोरया...अगले बरस तू जल्दी आना के जयकारों से शनिवार को शहर के प्रमुख मार्ग गूंज उठे। शनिवार को निकाली गई भव्य शोभायात्रा में झांकियों के साथ हाथी, घोड़े भी शामिल किए गए। हजारों श्रद्धालुओं के बीच लाल बाग के राजा का विसर्जन कर दिया गया। गणेश उत्सव में शनिवार को उनका पूजन आदि होने के बाद गणपति बप्पा के नारों के बीच शोभा यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई। इस दौरान भक्तों ने अबीर गुलाल उड़ाते हुए गगनभेदी जयकारे लगाए। इसमें न सिर्फ हाथियों व घोड़ों को शामिल किया गया बल्कि बुग्गियों पर राम दरबार, राधा कृष्ण, मां दुर्गा आदि की सजी झांकियों को शामिल किया गया।
बारिश के बीच फूटी गोपाला की मटकी
विसर्जन के ठीक पहले से होने लगी बारिश भी महाराष्ट्र से आए कलाकारों का जोश ठंडा न कर सकी। रोड शो के दौरान न सिर्फ उन्होंने ऊंचाई पर बांधी मटकी को फोड़ा बल्कि बारिश के दौरान ढोल नगाड़ों पर गणपति बप्पा के जयकारे लगाकर ऐसा समा बांधा कि देखने वाले भी बारिश भूल गणपति बप्पा के जयकारों में तल्लीन हो गए।
...तो मूषक सिखाता है लाइफ मैनेजमेंट
-गणेश उत्सव के दौरान गिनाई गईं गणेश जी क ी सवारी की विशेषताएं
अमर उजाला ब्यूरो
हरदोई। गणेश उत्सव के दौरान जहां हर जगह गणपति छाए हुए हैं। ऐसे में उनकी सवारी मूषक के बारे में बात न हो, ऐसा तो हो ही नही सकता। एकता सेवा समिति के गणेश उत्सव में पं. उमाकांत शास्त्री ने गणेश जी के वाहन मूषक पर चर्चा करते हुए उससे लाइफ मैनेजमेंट के फंडे सीखने पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि बिल के अंदर रहने वाले चुहे को अंतर्यामी ब्रह्मा का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु बिल की भांति ही मोह, अविद्या, अज्ञानता के कारण भगवान नहीं देख पाते। इसलिए चूहा हमें सिखाता है कि अभिमान त्याग कर परमात्मा को जानकर उनकी उपासना करें। जिस तरह चूहा कुतर-कुतर कर चीजों को खाता है उसी तरह मनुष्यों को चाहिए कि समस्याओं को अपने तरह से छोटा-छोटा करने के बाद उसे समाप्त कर दें। इसके लिए उन्हें दूसरों का सहारा न लेना पड़े। चूहा अंधेरे में रहता है। उसे नकारात्मक शक्तियों का प्रतीक माना गया है। इसलिए गणेश जी की सवारी सतर्क व जागरूक रहना सिखाती है। मनुष्यों को चाहिए कि अनाज व सपंति को बचाकर रखें और उसका नाश न करें। चर्चा के बाद धूमधाम से शोभा यात्रा निकाली गई और इटौली पुल पर भैसटा पुल पर गणेश जी का विसर्जन किया गया। इस अवसर पर दिलीप जायसवाल, ऊषा जायसवाल, शैलेंद्र द्विवेदी, माही, सुबोध टंडन, शैलेश सिंह चौहान, विनय मिश्रा, अनूप सिंह, सिमरन जायसवाल, सुनैना आदि मौजूद रहे।