हरदोई। जिले में जब भी कोई घटना घटती है, तो जिम्मेदार सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन तो देते हैं, पर बाद में इस पर अमल नहीं किया जाता है। बीते दिनों सूखे कुएं में बालक के गिरने के बाद जब शहर का जायजा लिया तो कई सार्वजनिक स्थलोें पर कुं ए व टैंक खुले मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने कहा था कि वह पत्र लिखकर तत्काल कुएं की घेराबंदी कराने के निर्देश दे रहे है, पर अभी तक इस पर अमल नहीं हुआ। इसी तरह तेजाब बिक्री और स्कूली बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामले में अफसरों ने कार्रवाई के वादे तो किए, पर अमल नहीं किया। अमर उजाला जनहित से जुड़े ऐसे मामलों में अफसरों को वादे याद दिलाने की कोशिश कर रहा है।
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तेजाब मामला-एक
महिलाओं पर तेजाब फेंकने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद जिले में तेजाब की खुलेआम बिक्री की जा रही है। तेजाब के पंजीकृत विक्रेताओं के विषय में भी प्रशासन को कोई भी जानकारी नहीं है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन तो दूर प्रशासन तेजाब के देखरेख के विषय में कौन सा विभाग जिम्मेदार होगा यह भी नहीं तय कर पा रहा। इससे कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती है। वहीं खुलेआम बिक रहे तेजाब के विषय में संबंधित विभाग के अफसरों को भी कोई जानकारी नहीं है, जबकि जिला आबकारी अधिकारी राकेश अग्रवाल ने बताया कि तेजाब की बिक्री का उनके विभाग से कोई संबंध नहीं है। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट अशोक शुक्ला ने कहा था कि बगैर लाइसेंस के तेजाब बेचने वालों पर कार्रवाई होगी, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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खुले कुएं का मामला-दो
शहर में कुओं की उपयोगिता लगभग समाप्त हो गई है। अधिकतर कुएं सूख गए हैं। शहर में भी घरों के अंदर बने कुओं को पाट कर बंद कर दिया गया, जबकि शहर के कई स्थानों पर कुएं अभी भी खुले पड़े हैं। सड़क व फुटपाथ ऊंचा होने से कुएं सड़क के लेवल में पहुंच गए है। जिसमें गिरकर आए दिन किसी न किसी को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। वहीं शहर के नालों के ऊपर से पत्थर गायब हो चुके हैं, जो हादसों को दावत दे रहे हैं। शहर में कुओं के किनारे बनाने और खुले मेनहोल बंद कराने का फरमान डीएम रमेश मिश्र ने जारी किया था, पर अब तक शहर के कुओं की सुध लेने कोई भी नहीं पहुंचा, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
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स्कूल बस मामला-तीन
जिले में स्कूल आने जाने वाले नौनिहालों के जीवन के प्रति अफसर उदासीन बने हुए हैं, जिससे स्कूल वाहन में यात्रा करने वाले छात्रों के साथ लगातार घटनाएं हो रही है। अभी बिलग्राम क्षेत्र में हुई घटना को लोग भुला भी नहीं सके थे कि बेनीगंज क्षेत्र में मानक विहीन स्कूल वाहन से एक बच्ची की जान चली गई। अफसर कागजी खानापूरी कर पीठ थपथपाने में लगे हुए हैं। एआरटीओ ओपी सिंह ने माना था कि अभी तक एक भी स्कूल की जांच नहीं की गई है। कहा कि अभियान चलाकर स्कूल में मानक विहीन वाहनों को हटवाया जाएगा और शिक्षा विभाग को स्कूल की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई को लिखा जाएगा। इसके बाद उनके द्वारा दो दिन जांच की खानापूरी की गई और एक पत्र डीआईओएस को मानक पूरे कराने का लिखकर पल्ला झाड़ लिया गया। इसके बाद वह अपने वादे को भूल गए, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।