हरदोई। हरदोई लोस सीट पर गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 57.74 प्रतिशत वोटरों ने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया दोपहर में कुछ धीमी पड़ी, पर शाम को तेजी पकड़ी। मतदान के दौरान कहीं कुछ गड़बड़ी न हो इसको लेकर अफसर भी चौकन्ने रहे। डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी डा. एच यशोध भास्कर, एसएसपी गोविंद अग्रवाल के अलावा प्रेक्षक भी दलबल के साथ क्षेत्र का जायजा लेते रहे।
डीएम ने बताया कि 57.74 प्रतिशत मतदान हुआ है। देर रात ईवीएम नवीन मंडी पहुंची, जहां बनाए गए स्ट्रांग रूम में रखवाया गया। हरदोई सीट पर 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। गुरुवार को 1233 मतदान केंद्रों पर बनाए गए 1773 बूथों पर 57.74 प्रतिशत वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर वोटरों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर में कुछ कमी आई, पर शाम होते होते बूथों पर वोटरों की संख्या बढ़ी। इधर, शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने को डीएम, एसएसपी, सीडीओ वियोधन, एडीएम विजय गुप्ता, एसपी पूर्वी अजय शंकर राय, एएसपी पश्चिमी दिनेश त्रिपाठी के अलावा नगर मजिस्ट्रेट मनोज सिंघल समेत अधिकारी मतदान केेंद्रों पर जाकर जायजा लेते रहे।
कुछ मतदान केंद्रों पर बहिष्कार की जानकारी मिलने पर अफसरों ने मौके पर जाकर समझा बुझाकर मतदान शुरू कराया, पर चार मतदान केंद्रों पर वोट नहीं पड़ सके। डीएम ने बताया कि चार केंद्रों पर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है। उन्होंने बताया कि जिले में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ। उधर, जिले में अभी कुछ दिन पूर्व ही आई स्वीप प्रेक्षक वसुधा गुप्ता को शायद इसकी पहले से ही भनक थी कि जिस कदर जागरूकता वोटिंग को लेकर आस पास के जनपदों में है वैसी जिले में नहीं दिख रही। उन्होंने इसको लेकर प्रशासनिक गतिविधियों को जिम्मेदार भी ठहराया था। बहरहाल जहां अन्य जिले 70 फीसदी के ऊपर का आंकड़ा छू रहे हैं, वहीं जिले ने पिछले रिकार्ड तो तोड़े, पर आस पास के जनपदों के तुलना में काफी पीछे रहते हुए 57.74 फीसदी पर ही सिमट गया।
खास बात यह भी रही कि 48 सालों बाद इस बार के चुनाव में मात्र छह फीसदी आगे बढ़कर वोट प्रतिशत 57.74 रहा। मतदान में जिले में 17 लाख से ज्यादा वोटरों में से लगभग दस लाख ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। जिसके चलते मतदान करीब 58 फीसदी का ही आंकड़ा छू पाया। एक बार फिर जिले का मतदान प्रतिशत 60 फीसदी मतदान का प्रतिशत नहीं छू पाया। इससे पूर्व के जिले के लोस चुनाव को देखे तो उस तरह से जिले ने इस बार सारे पिछले रिकार्डों को पीछे छोड़ दिया है, पर आस पास के जनपदों को देखे तो जनपद पिछड़ा नजर आ रहा है।
इंसेट
अब तक का रहा प्रतिशत
वर्ष 1967-प्रतिशत 52.14, 71-37.21, 77-52, 80-39, 84-52.4, 04-43.6, 09-40.59, 2014-57.74