हरदोई। माध्यमिक शिक्षा विभाग में फर्जी स्थानांतरण प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले तीनों लिपिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हो गई। तीसरे लिपिक के विरुद्ध भी बेहटा गोकुल थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
ज्ञात हो कि फर्जी स्थानांतरण प्रमाण पत्र पर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टोडरपुर में देशरत्न शुक्ल ने उच्चतर माध्यमिक पिपरा बहराइच का लिपिक बता कर ज्वाइन किया था। वह स्थानांतरण प्रमाण पत्र के अलावा अन्य कोई प्रपत्र नहीं दिखा सके थे। ज्वाइन करने के बाद अवकाश लेकर चले गए। संदेह होने पर विभाग ने परिषद से जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि आदेश ही नहीं जारी किए गए। उच्चतर माध्यमिक स्कूल का लिपिक विभाग में तैनात ही नहीं है। इसकी जानकारी डीआईओएस की ओर से संयुक्त शिक्षा निदेशक को दी गई थी। जिस पर जेडी ने सभी पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इस पर स्कूल प्रधानाचार्य शताक्षी मिश्र ने बेहटा गोकुल थाने में लिपिक पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एसओ संजय मौर्या ने बताया कि रिपोर्ट कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इससे पूर्व राजकीय उच्चतर माध्यमिक मझिला में रविंद्र पाठक ने उच्चतर माध्यमिक सोहान बहराइच का लिपिक बताकर ज्वाइन किया था। फर्रुखाबाद डायट में तैनात लिपिक सतीश चंद्र शुक्ल ने डीआईओएस कार्यालय में ज्वाइन किया था, पर ज्वाइनिंग आदेश के अलावा अन्य प्रपत्र नहीं दिखा सके और ज्वाइन करके चले गए थे। जिस पर पर डीआईओएस की ओर से सतीश चंद्र शुक्ला पर शहर कोतवाली में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी और मझिला थाने में प्रधानाचार्य जयशंकर मिश्र ने रविंद्र पाठक पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।