हरदोई। आरक्षित मिश्रिख लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी अंजू बाला पर नामांकन पत्र में फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र लगाने का आरोप बसपा प्रत्याशी/सांसद अशोक रावत ने लगाया है। इस बाबत उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को शिकायती पत्र भेजा है। शिकायती पत्र के साथ कुछ प्रमाण पत्र भी लगाए गए हैं।
सांसद ने आरोप लगाया है कि भाजपा प्रत्याशी अंजू बाला ने जिला कठुआ जम्मू कश्मीर से 1 सितंबर 2010 को अंजू बाला पुत्री रविंद्र नाथ वार्ड संख्या-5 जिला कठुआ जम्मू कश्मीर अनुसूचित जाति (चमार) के नाम से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी कराया है। जबकि दूसरा जाति प्रमाण पत्र श्रीमती अंजू बाला पुत्री रविंद्र नाथ पत्नी कृष्ण कु मार उर्फ सतीश वर्मा ग्राम सुनासी मल्लावां, तहसील बिलग्राम जिला हरदोई अनुसूचित जाति (चमार) का प्रमाण पत्र दिनांक 4 अक्तूबर 2013 को जारी किया गया, जो फर्जी है। इसकी जांच/सत्यापन के संबंध में 16 दिसंबर 2013 को जनसूचनाधिकारी से सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन किया गया था। इस पर जनसूचनाधिकारी/तहसीलदार बिलग्राम द्वारा दी गई सूचना के अनुसार श्रीमती अंजू बाला को जारी जाति प्रमाण पत्र के संबंध में तहसील में कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कई अन्य आरोप लगाते हुए कहा कि अंजू बाला के नामांकन पत्र की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
इंसेट--
‘गलत आरोप लगा रहे बसपा प्रत्याशी’
हरदोई। मिश्रिख क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अंजू बाला ने कहा कि नामांकन पत्र के साथ लगाया गया जाति प्रमाण पत्र पूर्णतय: सही है। यदि तहसील में अभिलेख उपलब्ध नहीं है तो उसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं। इस मामले में किसी भी स्तर पर जांच होती है तो उसका सामने करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बसपा प्रत्याशी सांसद अशोक रावत गलत आरोप लगा रहे हैं।