हरदोई। बैंक आफ इंडिया द्वारा संचालित स्टार स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र पर सोमवार को निशुल्क डेयरी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एलडीएम पीके सिंह ने कहा कि आर्थिक प्रगति को जरूरी है कि खेती किसानी के साथ कृषि विविधता को अपनाया जाए, इसके लिए परंपरागत फसलों की खेती करने के साथ ही बागवानी आदि भी करनी चाहिए और आय बढ़ाने को दुग्ध व्यवसाय को अपनाना चाहिए।
दुग्ध व्यवसाय में सफलता के मुकाम तक पहुंचने को जरूरी है कि अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं का पालन किया जाए। कहा कि डेयरी व्यवसाय करने के इच्छुक लोगों को नियमानुसार बैंकों से कर्ज भी देने की व्यवस्था है इसलिए इस व्यवसाय को करने को बैंकों से भी कर्ज लिया जा सकता है, पर डेयरी व्यवसाय शुरू करने के पहले इसके बारे में भलीभांति सभी जरूरी जानकारियां कर लेनी चाहिए। प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक जीएस चंदेल ने कहा कि किसी भी कार्य की सफलता के लिए जरूरी है कि पूरे मनोयोग से कार्य करना चाहिए।
कर्ज लेने के मामले में अनुशासित रहकर कार्य करना चाहिए और कर्ज की अदायगी समय से करनी चाहिए। डिफाल्टर होेने से बचने को कर्ज की अदायगी को आर्थिक अनुशासन का पालन करना चाहिए। उन्होंने दुधारू पशुओं की नस्लों एवं डेयरी की संभावनाओं तथा दुग्ध उत्पादों एवं पशुओं के बीमा आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर बैंक आफ इंडिया के वित्तीय साक्षरता एवं ऋण सलाह केंद्र के प्रभारी शांति स्वरूप, भूदेव सिंह, गजाला खान, उत्कर्ष सिंह आदि मौजूद थे।