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संक्रामक रोग फैला, दो को डेंगू

Sat, 12 Oct 2013 05:40 AM IST
Hardoi
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हरदोई। अफसरों की लापरवाही से जिले में अब संक्रामक रोग पैर पसारने लगे है। संडीला में डेंगू की दस्तक के बाद अब नगर में दो मरीज डेंगू के मिलने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली है। इधर, मलेरिया व टायफाइड के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। नगर क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बराबर बढ़ता जा रहा, पर जिम्मेदार बेखबर हैं। पालिका ईओ को निर्माण कार्यों में तो खामियां नजर आती हैं, पर इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रहे। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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जिला अस्पताल मेें मच्छर जनित रोगों से पीड़ित मरीजोें की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आंकड़ों की मानें तो बुखार के पीड़ित चार लोगों का परीक्षण किया गया, जिसमें दो में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा जिले में दर्जनों ऐसे रोगी हैं, जिनका इलाज लखनऊ में चल रहा है। मच्छर जनित रोगों से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा और पालिका आंखें मूंदे हुए है। किसी भी विभाग ने कोई कारगर कदम नहीं उठाए हैं। जिला अस्पताल में चौबीस घंटे के अंदर बुखार से पीड़ित छह मरीज भर्ती हुए जिनका इलाज चल रहा है।
भर्ती मरीजों में मानवेन्द्र सिंह पुत्र प्रेमपाल, उसका भाई पुष्पेंद्र सिंह निवासी वारीपुर शाहाबाद, कोतवाली देहात के पिहानी चुंगी निवासी सविता पुत्री श्याम कुमार, सुरसा क्षेत्र के ग्राम जमुनापुरवा निवासी सत्यप्रकाश पुत्र सियाराम, शहर कोतवाली के माधवपुर के छेदा पुत्र भिखारी और शहर कोतवाली के चित्तल पुरवा निवासी राज किशोरी शामिल है। इसके अलावा भी अस्पताल में एक दर्जन से ज्यादा बुखार से पीड़ित मरीजों का इलाज चल रहा है। उधर, शहर में नालों के जाम होने से उनमें पानी जमा रहता है। इससें उसमें मच्छरों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। मलेरिया विभाग भी मच्छरों के लावा को मारने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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उधर, जिला अस्पताल की पैथालोजी के आंकड़ों की मानें तो सितंबर में टायफाइड के 319 मरीजों का परीक्षण किया गया, जिसमें 57 में टायफाइड के लक्षण मिले। वहीं अक्टूबर में 76 परीक्षण हुए जिसमें से 18 मामले मिले। वहीं सितंबर में मलेरिया के 136 परीक्षण किए गए, जिसमें से दो में मलेरिया के लक्षण मिले। वहीं अक्तूबर में 30 परीक्षण हुए। जिसमें एक मलेरिया रोगी मिला। जो संक्रामक रोगों के बढ़ाते प्रकोप की कहानी बयां कर रही है।
इंसेट---
‘नगर में लगातार फागिंग व छिड़काव कराया जा रहा। इसके लिए रोस्टर बनाया गया है। यदि किन्हीं मोहल्लों में फागिंग नहीं हुई, तो उसकी जानकारी लेकर वहां फागिंग करवाई जाएगी।’ डा. अशोक शुक्ला, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट
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