हरदोई। दशहरा, बकरीद और दीपावली समेत तमाम त्योहारों का सीजन आते ही ट्रेन के आरक्षण काउंटर पर नो इंट्री का बोर्ड दिखाई देने लगा है। लाइन लगाने के बाद भी लोग जब टिकट काउंटर पर पहुंचते हैं तो वेटिंग लिस्ट की सूचना मिलती है।
लाख कोशिशों के बाद भी लोगों को ट्रेन में आरक्षण का कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। अक्तूबर आते ही दिसंबर तक त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। नवरात्र के बाद दशहरा फिर बकरीद और इसके बाद दीपावली का पांच दिनों का त्योहार के साथ ही कुछ दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा और इसके बाद 25 दिसंबर तक त्योहार हैं, जिससे लगभग सभी ट्रेनों में आरक्षण अगले दो माह के लिए फुल हो गए हैं। स्टेशन से गुजरने वाली सियालदह एक्सप्रेस, सद्भावना, दून एक्सप्रेस, गोहाटी व पंजाब मेल समेत कई अन्य ट्रेनों में नवंबर के अंतिम माह तक कंफर्म आरक्षण मिल नहीं रहा,ै जबकि कई गाड़ियों में तो वेटिंग लिस्ट भी अब पूरी हो चुकी है।
मुंबई जाने वाली गाड़ियाें में वेटिंग रिगरेट बता रही हैं। ऐसे में इन दिनों आरक्षण काउंटर पर भी सन्नाटा छाया हुआ है। हालांकि कभी कभार भीड़ भाड़ हो जाती है, पर टिकट काउंटर पर पहुंचने पर सैकड़ा पार वेटिंग लिस्ट बताई जाती है। ऐसे में कुछ जरूरतमंद तो वेटिंग का टिकट बनवा लेते हैं, पर कई आरक्षण कराए बिना मायूस लौट आते हैं। रेलवे अफसरों का कहना है कि आरक्षण तीन माह पहले बुक हो जाने से भीड़ कम होने लगी है। तत्काल के समय ही अधिक भीड़ होती है।