हरदोई। मोबाइल रिपेयरिंग का काम पूरे मनोयोग एवं ध्यान से सीखने के बाद प्रशिक्षुओं को इसी हुनर को आय का जरिया बनाना चाहिए। इसके लिए वे स्वरोजगार में लगे और तरक्की के पथ पर आगे बढ़े। यह बात बैंक आफ इंडिया से संचालित स्टार स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र पर 30 दिवसीय मोबाइल रिपेयरिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ एलडीएम पीके सिंह ने कही।
प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक जी.एस. चंदेल ने कहा कि आज शहर से लेकर गांवों तक मोबाइल फोन घर घर तक पहुंच गए है। ऐसे में मोबाइल की रिपेयरिंग के कार्य की आवश्यकता गांव-गांव होने लगी है। हमारी कोशिश होगी कि प्रशिक्षण के इन तीस दिनों में प्रशिक्षुओं को अच्छा मोबाइल रिपेयर के तौर पर तैयार किया जाए। एफएलसीसी के प्रभारी शांति स्वरूप ने प्रशिक्षुओं को बैंकिंग सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि स्वरोजगार के लिए बैंकों से ऋण दिए जाने की व्यवस्था है। इस ओर उनके द्वारा हर स्तर पर मार्गदर्शन करने के साथ ही प्रशिक्षुओं को सहयोग दिया जाता रहेगा। कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं के अलावा प्रशिक्षक मौजूद रहे।