हरदोई। टीचरों के कार्य बहिष्कार को देखते हुए शनिवार को मूल्यांकन केंद्रों पर पुलिस और पीएसी को तैनात कर दिया गया। इसके चलते बहिष्कार करने वाले टीचरों को मूल्यांकन केंद्रों पर घुसने की इजाजत नहीं दी गई। इसके बाद बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन कार्य तीनों केंद्रों पर शुरू हो गया। उधर, टीचरों ने मूल्यांकन केंद्रों पर फर्जी टीचरों से मूल्यांकन कार्य कराने का आरोप लगाया।
टीचरों के बहिष्कार के बावजूद शनिवार को जिले के तीनों बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन केंद्र पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो गया। टीचरों ने केंद्र पर पहुंच कर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 279 टीचरों ने मूल्यांकन कार्य किया और 65 नए अस्थाई परीक्षक नियुक्त किए गए। केंद्र का सिटी मजिस्ट्रेट शिव रतन लाल वर्मा ने निरीक्षण किया और परीक्षकों को निडर होकर कार्य करने को कहा। कोतवाल वीके मिश्रा ने पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया और उन नियंत्रक से जानकारी प्राप्त की। एसडी इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र पर डीआईओएस जेपी यादव ने मौजूद रहकर मूल्यांकन कार्य शुरू कराया। यहां पर 196 परीक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया।
जीजीआईसी में भी 60 फीसदी परीक्षकों ने कापियां का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया। तीनों केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य होता रहा। वहीं दूसरी ओर कार्य का बहिष्कार कर रहे टीचरों ने जीआईसी गेट पर धरना दिया। उन लोगों ने अन्य केंद्रों पर भी पहुंच कर टीचरों से मूल्यांकन कार्य से दूर रहने का अनुरोध किया। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के अध्यक्ष बादाम सिंह ने कहा कि टीचर सपा सरकार के वादे से मुकरने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जीआईसी प्रधानाचार्य और डीआईओएस टीचरों का अपमान कर रहे है। उन्होंने कहा कि वह लोग टीचरों के लिए अपशब्दों का प्रयोग बंद करें। उन्होंने मूल्यांकन केंद्र पर फर्जी टीचरों से मूल्यांकन कराने का भी आरोप लगाया।
माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट के जिलाध्यक्ष श्रीनिवास अग्निहोत्री ने कहा कि जीआईसी के उपनियंत्रक ने उन्हें कोतवाल को बुलाकर केंद्र से बाहर कर दिया। कहा कि उन नियंत्रक परीक्षकों की नियुक्ति में उगाही कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एसडी इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र पर मूल्यांकन कार्य नहीं किया गया है। इस मौके जिला मंत्री ज्ञानेंद्र उपाध्याय आदि मौजूद थे।