पिहानी/गौसगंज (हरदोई)। पसतौर गांव में दलित परिवार पर दबंगों ने कहर बरपाया। घर में महिलाओं को रात में घेरकर मारने-पीटने के साथ ही छप्पर में आग लगा दी, जिससे गृहस्थी का काफी सामान जलकर राख हो गया। उधर, क छौना क्षेत्र के गांव कासिमपुर निवासी स्वतंत्रता सेनानी के शवदाह स्थल पर भी दबंगों ने कब्जा कर लिया।
पसतौर निवासी दलित विधवा रजनी का आरोप है कि उसका खेत गांव के दबंग ने जालसाजी से बैनामा करा लिया था। जिसको लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो चुकी है। इन दिनों पीड़िता के चारों लड़के इसी रंजिश के चलते जेल में बंद हैं। घर में केवल महिलाएं और बच्चे थे। रविवार की रात दबंगों ने महिलाओं पर धावा बोल कहर बरपाया। रजनी ने बताया कि दबंग अपने पुत्रों के साथ बीती रात घर में घुस आए और गालियां देने लगे। जब विरोध किया तो उन्हें मारा पीटा। इससे रजनी (60), उसकी बहू भुंटू (30) पत्नी राम मिलन के अलावा रोली (16) व भोली (13) को चोटें आई हैं। रजनी ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
एसओ विजय यादव ने बताया कि दोनों ओर से रंजिश चल रही है। मामले की जांच की जा रही है। उधर, कछौना क्षेत्र के गांव कासिमपुर निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्व. सिद्धनाथ द्विवेदी के पुत्र सुरेंद्र द्विवेदी ने कहा कि कासिमपुर के असही मार्ग पर गाटा संख्या 12411242 और बेहंदर कलां का कुछ भाग तीन हजार वर्ग मीटर में कई सेनानियों की कब्रें व शवदाह स्थल बने है। जमीन का नाम चिन्ना क्रांतिकारी के नाम पर चिन्नी बगिया रखा गया था। गांव के दबंगों ने यह बगिया अपने खास अनुसूचित जाति के परेउरी उन्नाव निवासी एक व्यक्ति के नाम पट्टा करवा लिया था।
आरोप है कि दबंग ने यह जमीने खरीदकर कब्रें ध्वस्त करवा निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अब दबंग बगिया को भी उजाड़ रहे है। उन्होंने मांग की कि पट्टे को निरस्त कर बगिया पर हो रहे अतिक्रमण को रुकवाया जाए। द्विवेदी ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे।