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Hardoi News: 965.51 ग्राम सोना और 36.62 लाख रुपये बरामद, ज्वैलरी शॉप के कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार

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हरदोई। सिनेमा रोड स्थित अतुल ज्वैलर्स में हुई जेवरों की चोरी का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। दुकान से जेवर चुराने वाले कर्मचारी और चोरी के जेवर खरीदने वाले व्यापारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों की निशानदेही पर 36 लाख 62 हजार रुपये और 965.51 ग्राम सोने के जेवर व टुकड़े बरामद हुए हैं। बरामद हुए जेवरों की कीमत लगभग 96 लाख रुपये है।
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शहर के सिनेमा रोड पर अतुल ज्वैलर्स नाम से शिवम कपूर की दुकान है। 23 मई को शिवम कपूर ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि दुकान में ही काम करने वाले सरॉय थोक पश्चिमी निवासी बालकृष्ण पांडेय ने दुकान में रखे सोने के जेवर चोरी कर लिए हैं। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन खुद मामले की निगरानी कर रहे थे और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र को खुलासे की जिम्मेदारी दी थी।
बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दर्ज की गई रिपोर्ट के आधार पर बालकृष्ण को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इस दौरान बालकृष्ण ने दुकान से पिछले कई वर्ष से जेवर चोरी कर बेचने की जानकारी दी। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में पता चला कि शहर में ही मुन्ने मियां चौराहे के निकट भूसा मंडी के पास रविंद्र कुमार वर्मा उर्फ रवि वर्मा की ज्वैलरी शॉप है। रविंद्र को ही चोरी के जेवर बालकृष्ण बेचता था। इस पर पुलिस ने रवि वर्मा से भी पूछताछ की।
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अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों की निशानदेही पर 36.62 लाख रुपये बरामद हुए हैं। इनमें से बालकृष्ण पांडेय के पास से 25 लाख जबकि रवि के पास से 11.62 लाख रुपये बराम हुए हैं। रवि के पास से 369.58 ग्राम और बालकृष्ण के पास से 595.93 ग्राम सोने के जेवर और टुकड़े मिले हैं। अपर पुलिस अधीक्षक के मुताबिक बरामद हुए सोने की कीमत लगभग 96 लाख रुपये है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।



सट्टे की लत ने भरोसेमंद बालकृष्ण को बना दिया चोर
चोरी की वजह जानने के लिए पुलिस ने बालकृष्ण से पूछताछ की। पुलिस का दावा है बालकृष्ण पांडेय सट्टा खेलने का आदी है। बालकृष्ण पांडेय अतुल ज्वैलर्स के यहां पिछले 19 साल से काम कर रहा था। उसकी गिनती दुकान के भरोसेमंद कर्मचारियों में होती थी। सट्टे की लत ऐसी लगी कि भरोसेमंद कर्मचारी ही चोर बन गया। दरअसल, शुरूआत में ताे बालकृष्ण को सट्टा खेलने में जीत मिली और मुनाफा हुआ। इसके बाद वह रुपये हारने लगा और कर्जदार हो गया। हर बार कर्ज चुकाने के लिए वह जेवर चोरी करता था और पुलिस के दावे के मुताबिक रवि वर्मा काे बेच देता था।


आधे मूल्य पर चोरी के जेवर खरीदता था रवि
पुलिस का दावा है कि बालकृष्ण पांडेय चोरी के जेवर सिर्फ रवि वर्मा काे ही बेचता था। बाजार मूल्य से आधी कीमत पर रवि जेवरों की खरीद करता था। पुलिस का मानना है कि रवि को पता रहता था कि जेवर चोरी के हैं और इसीलिए उसे 50 फीसदी मूल्य पर मिल रहे हैं। रवि के पास से हुई जेवरों और रुपयों की बरामदगी भी इसकी पुष्टि करती है।


खुलासा किया है... जांच अभी भी जारी
पुलिस ने घटना का खुलासा कर बड़े पैमाने पर नकदी और सोना बरामद कर लिया है। बावजूद इसके अभी पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने जीएसटी और आयकर विभाग के उच्चाधिकारियों से अतुल ज्वैलर्स को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके साथ ही संबंधित विभागों को अपने स्तर से जांच करने के लिए भी कहा है। पुलिस की जांच में कई सवाल सामने आए हैं। दुकान से जेवर की चोरी पिछले कई साल से कर्मचारी कर रहा था, लेकिन दुकान मालिक को इसका पता ही नहीं चला।
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