अमर उजाला ब्यूरो
मल्लावां। बिलग्राम, माधौगंज के कई गांवों में दहशत फैलाने व पशुओं को घायल करने के बाद इस बार मल्लावां में भी हमला बोल दिया। जंगली जानवर ने क्षेत्र के दो गांवों में हमला कर घर में बंधे तीन पशुओं को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। वहीं वन विभाग जंगली जानवर को लेकर अभी किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचा है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मांझगांव व लल्ला खेड़ा में शनिवार रात में नबी हशन घर के गोड़े में लेटे हुए थे। वहीं पर उनके जानवर बंधे हुए थे तभी किसी जंगली जानवर ने जानवरों पर हमला कर दिया। शोर सुनकर परिजन आ गए जिस पर जानवर भाग गया। हमले में एक भैंस व एक गाय घायल हो गई। इसी तरह ग्राम लल्ला खेड़ा में ब्रजेश के गोड़े में बधी भैंस पर हमलाकर घायल कर दिया। एक ही रात में दो गावों में जंगली जानवर के हमले से तीन जानवर घायल होने से लोगों मे दहशत का माहौल है। ग्रामीण जानवर को तेंदुआ या चीता बता रहे हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिस पर वन विभाग के दरोगा हरनाम सिंह ने पहुंचकर देखा तो उन्होंने बताया कि यह तेंदुआ नहीं कोई जंगली जानवर है। डीएफओ राकेश चंद्रा ने बताया कि वन विभाग की टीम से पंजों के निशान मांगे गए हैं यदि मिल जाते हैं तो उसे वाइल्ड लाइफ को भेज कर जानवर की पुष्टि की जाएगी।
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वन विभाग को किसी बड़ी घटना का इंतजार
पिछले काफी दिनों से जिले के कई क्षेत्रों में जानवरों से लेकर इंसानों तक को घायल करने वाले जंगली जानवर को पकड़ पाना तो दूर वह जानवर कौन सा है यह तक वन विभाग अभी तक पता नहीं लगा सका है। वन विभाग की ओर से हर घटना के बाद उसे डॉग प्रजाति का बता पल्ला झाड़ लिया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों में न सिर्फ दहशत व्याप्त है बल्कि वन विभाग की ओर से कोई सक्रियता न होने के कारण खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।
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पिंजरा रखने तक से हिचकिचा रहा वन विभाग
हैरानी की बात है कि जानवर यदि जंगली है और बार बार कहीं वह हमला कर रहा है। ऐसी घटनाओं के बाद भी वन विभाग के अधिकारी घटना की जगहों पर पिंजरा रखवाने से हिचकिचा रहे हैं।
- जंगली जानवर ने तीन पशुओं को किया लहुलूहान
- बिलग्राम, माधौगंज के बाद अब मल्लावां में दहशत
- एक ही रात में दो गांवों में पहुंचे जानवर ने बोला हमला
- ग्रामीणों ने इसे तेंदुआ या चीता बताया
- वन विभाग ने फिर जंगली जानवर बता पुष्टि न होने की बात कही