हरदोई। तीन दिन में जिले की 264 बैंक शाखाओं में करीब 90 करोड़ रुपये मूल्य के 500 और 1000 रुपये के नोट बदले जाने का अनुमान है। इन तीन दिनों में करीब सवा दो लाख लोग नोट बदलने के लिए घंटों लाइन में लगे रहे। भीड़ का आलम ये रहा कि कई बैंकों में रुपये कम पड़ गए। शनिवार को भी सभी बैंक शाखाओं में शाम तक लाइनें लगी रहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर की रात से 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने का एलान कर दिया। उन्होंने ये नोट बदलने के लिए आईडी दिखाकर 31 दिसंबर तक समय दिया है। अन्य ब्योरा के साथ 31 मार्च 2017 तक नोट बदले जाएंगे। उधर, शनिवार को बैंक खुलने से पहले ही नोट बदलने के लिए लाइनें लग गईं।
बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा के हेड टीन शुक्ला ने बताया कि मुख्य ब्रांच से प्रतिदिन औसतन दो हजार लोगों के नोट बदले जा रहे हैं। जिले में हमारी 48 ब्रांचों में रोजाना सात करोड़ मूल्य के नोट बदले जाने का अनुमान है। इसी तरह एसबीआई मुख्य ब्रांच में रोजना 1700 से 2000 लोगोें के नोट बदले जा रहे हैं।
एसबीआई मुख्य ब्रांच के हेड राकेश चंद्रा जिले की हमारी सभी बैंक शाखाओं में रोज लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य के नोट बदले जा रहे हैं। तीन दिन में 30 करोड़ रुपये के नोट बदले जाने का अनुमान है। ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त (एजीबी) के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि जिले में रोज औसतन चार से पांच हजार लोग नोट बदलने हमारी शाखाओं में पहुंच रहे हैं।
हमारी सभी ब्रांच में रोजना दो करोड़ मूल्य के रुपये बदले जाने का अनुमान है। एचडीएफसी ब्रांच हेड योगेश शुक्ला व एक्सिस बैंक के ब्रांच हेड एलके मिश्रा ने बताया कि औसतन 50 लाख के नोट बदले जा रहे हैं। अन्य 116 बैंक शाखाओं में प्रतिदिन करीब 11 करोड़ रुपये मूल्य के नोट बदले जा रहे हैं।
जिले की सभी बैंक की 264 शाखाओं से रोज अनुमानत: 31 करोड़ मूल्य के नोट बदले जा रहे हैं। इस तरह तीन दिन में 93 करोड़ रुपया बदला जा चुका है। एलडीएम नवीन कुमार का कहना है कि अभी किसी बैंक की रिपोर्ट नहीं मिली है। सभी बैंकों पर काम का दबाव ज्यादा है, पब्लिक को संतुष्ट करना प्राथमिकता है। कितनी धनराशि बदली गई इसका ठोस आंकडा कम से कम एक सप्ताह बाद ही मिल सकता है।
जिले में एसबीआई के सभी एटीएम चालू हो जाने का दावा बैंक की ओर किय गया है। जिला कोआर्डीनेटर राकेश चंद्रा के मुताबिक आरबीआई के निर्देशानुसार गुरुवार की रात 12 बजे के बाद एटीएम चालू हो गए थे । जहां कहीं कनेक्टीविटी की समस्या आती है उसे ठीक करा दिया जाता है। उधर, ज्यादातर बैंकों के एटीएम शनिवार को भी बंद रहे। हालांकि बैंक ऑफ इंडिया ने मेन ब्रांच में एटीएम शुरू कर दिया। जिले में स्थित करीब 100 एटीएम में ज्यादातर बंद होेने से लोगों को दो हजार रुपये भी निकालने के लिए जूझना पड़ रहा है ।
शहर एवं नगरीय क्षेत्रों में स्थित राष्ट्रीयकृत बैंकों एवं निजी क्षेत्र की बैंकों में तो लोगों को लंबी लाइनें लगाने के बाद किसी तरह से नोट बदलने की सुविधा मिल जा रही है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 100 से अधिक शाखाओं में करेंसी का संकट है। जिससे लोगाें को नोट बदलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । एजीबी के क्षेत्रीय प्रबंधक वीएस चौहान ने करेंसी की आमद बढ़ाने के लिए बैंक ऑफ इंडिया के अफसरों से आग्रह किया है ।
डीडीएम नाबार्ड राजीव मोहन ने बताया कि आरबीआई के निर्देशानुसार रविवार को भी बैंकें खुलेगी । हड़बड़ी न करें और धैर्य बनाए रखें। बैंकें पूरी तरह से हर स्तर पर अपने ग्राहकों को निर्देशानुसार सेवाएं उपलब्ध कराने को तत्पर है । किसी प्रकार के भ्रम एवं अफवाह में आने की आवश्यकता नहीं है । इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के जरिए भी जरूरी काम निपटाए जा सकते हैं ।