हरदोई में रविवार देर रात मृत मवेशियों को दफन करने के लिए गड्ढे खोदती जेसीबी। संवाद
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हरदोई। सुरसा विकास खंड के ग्राम म्योनी स्थित गोशाला में नौ मवेशियों की मौत के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम अविनाश कुमार ने एसडीएम सदर लक्ष्मी एन से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तीन दिन में देने को कहा है। मृत मवेशी कहां से आए और कहां शव मिले, इस पर भी आख्या मांगी गई है। वहीं गोरक्षकों ने गोशालाओं में व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
म्योनी स्थित गोशाला में रविवार रात बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत की जानकारी पर विश्व हिंदू परिषद और हिंदू युवा वाहिनी (भारत) युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गोशाला के बाहर आक्रोश जताया था। जानकारी पर डीएम अविनाश कुमार ने एसडीएम सदर और नगर मजिस्ट्रेट को रात में ही गोशाला जांच के लिए भेजा था। सीवीओ ने मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम करा उन्हें दफन करा दिया। लेकिन गोरक्षकों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि पास में कुछ और मवेशियों के शव मिले हैं। हालांकि सीवीओ डॉ. जेएन पांडेय का कहना है कि नौ मवेशियों की ही मौत हुई थी। गोशाला के सामने स्थित भूमि पर भी मृत मवेशियों को डाले जाने की जानकारी मिली है।
सीवीओ बोले, अधिक उम्र से स्वाभाविक मौत
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेएन पांडेय का कहना है कि चार पशु चिकित्सकों की टीम ने नौ मवेशियों का पोस्टमार्टम किया। इनमें डॉ. श्याम त्रिपाठी, डॉ. वीपी सिंह, डॉ. शेषमणि यादव और डॉ. ओपी पांडेय शामिल रहे। सीवीओ का कहना है कि अधिक उम्र के कारण मवेशियों की स्वाभाविक मौत हुई है। आम तौर पर गोवंशी मवेशी की आयु 12 से 13 वर्ष होती है, लेकिन औसतन नौ वर्ष ही ये जीवित रहते हैं।
कार्रवाई न हुई तो देंगे धरना
हिंदू युवा वाहिनी (भारत) युवा मोर्चा ने सोमवार को एडीएम संजय कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में बताया कि गोशालाओं की स्थिति बेहद खराब है। मवेशियों की मौत गोशालाओं में हो रही है और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ लकीर पीटी जा रही है। मांग की गई कि ग्राम प्रधान और सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। ऐसा न होने पर कलक्ट्रेट में धरना दिया जाएगा।