हरदोई। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जिले के 8628 आवेदकों को लाभ देने के लिए जिला स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति ने मुहर लगा दी है। अब शासन स्तर से इन सभी के बैंक खातों में योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि भेज दी जाएगी।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जिले में 16267 आवेदन महिला कल्याण विभाग को ऑनलाइन प्राप्त हुए थे। इनमें से 344 आवेदन अलग-अलग कारणों से निरस्त कर दिए गए थे।
शेष आवेदनों में से जांच की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 8628 आवेदक पात्र पाए गए हैं। जिला स्तर पर गठित जिला स्वीकृति एवं अनुश्रवण समिति ने इन आवेदकों को लाभ देने पर मुहर लगा दी है। इस समिति में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बीएसए, जिला प्रोबेशन अधिकारी शामिल हैं।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि छह श्रेणियों में विभिन्न आवेदकों को सहायता राशि दी जानी है। शासन स्तर से पीएफएमएस के जरिए पात्रों के बैंक खातों में बजट भेज दिया जाएगा।
ये हैं पात्रता की शर्तें
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्रता की पांच शर्तें हैं। लाभार्थी का परिवार उत्तरप्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए। पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम तीन लाख रुपये होनी चाहिए। लाभार्थी के परिवार में अधिकतम दो ही बच्चे हों। परिवार की अधिकतम दो बालिकाओं को ही योजना का लाभ दिया जा सकता है। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से पुत्री है और द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा पुत्रियां होती हैं तो तीनों को ही लाभ दिया जा सकता है।
इन छह श्रेणियों में दिया जाता है लाभ
कन्या सुमंगला योजना में छह श्रेणियों में लाभ दिया जाता है। पहली श्रेणी में कन्या के जन्म होने के उपरांत दो हजार रुपये एक मुश्त दिए जाते हैं। द्वितीय श्रेणी में कन्या के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरांत एक हजार रुपये एक मुश्त दिए जाते हैं। तृतीय श्रेणी में कक्षा एक में बच्ची के प्रवेश के उपरांत दो हजार रुपये, चतुर्थ श्रेणी में कक्षा छह में बालिका के प्रवेश के दौरान दो हजार रुपये, पांचवीं श्रेणी में कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरांत तीन हजार रुपये और छठी श्रेणी में स्नातक या दो वर्षीय अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के उपरांत छह हजार रुपये एक मुश्त दिए जाते हैं।
श्रेणीवार चयनित आवेदक
प्रथम श्रेणी - 2965
द्वितीय श्रेणी - 4045
तृतीय श्रेणी - 1096
चतुर्थ श्रेणी - 234
पंचम श्रेणी - 215
षष्ठम श्रेणी - 73