माध्यमिक वित्तविहीन टीचरों ने मानदेय देने की घोषणा
पर अमल न करने पर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रांतीय नेतृत्व
के निर्देश पर शुक्रवार को लखनऊ में विधानसभा के घेराव में शामिल होने के
लिए सुबह से ही तमाम वित्तविहीन टीचर लखनऊ रवाना होने को रोडवेज और रेलवे
स्टेशन पहुंचे, पर अफसरों ने फोर्स के साथ घेराबंदी कर रोक लिया।
इस दौरान
845 टीचरों को लखनऊ जाने से रोका गया। दोपहर बाद टीचरों ने अफसरोें को
ज्ञापन दिया। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें छोड़ दिया। नगर मजिस्ट्रेट
जितेंद्र मोहन ने बताया कि स्टेशन पर 63 टीचरोें को रोक कर पुलिस लाइन
भेजा। शाम को उन्हें छोड़ दिया गया।
प्रांतीय आह्वान पर जिले के सैकड़ों
वित्तविहीन टीचर लखनऊ जाने को शुक्रवार को तड़के रेलवे और बस स्टेशन पहुंच
गए, पर इन स्थानों पर पूर्व में ही अफसरों की अगुवाई में प्रशासनिक अफसर
फोर्स के साथ तैनात कर दिए गए थे। रेलवे व बस स्टेशन पर नगर मजिस्ट्रेट
जितेेंद्र मोहन, तहसीलदार आरके चौरसिया भोर होते ही पहुुंच गए थे।
वित्तविहीन टीचर जैसे ही यहां पहुंचे तो उन्हें लखनऊ जाने से रोका गया। इस
दौरान कुछ टीचरों की अफसरों से नोकझाेंक हुई। उन्हें स्टेशन के बाहर वाहनों
से पुलिस लाइन व अन्य निर्धारित स्थानों पर भेज दिया गया। उधर, पुलिस ने
सरकारी व प्राइवेट बसों की भी चेकिंग की। इनसे लखनऊ जा रहे कई टीचरों को
उतरवाकर हिरासत में ले लिया।
निजी वाहनों से जाने वाले टीचर सफल नहीं हो
सके। इस दौरान मीडिया प्रभारी बृजेश सिंह, अगम प्रकाश त्रिवेदी, उदय
प्रताप सिंह, राम किशोर सिंह, मनोज शुक्ला, शिव शंकर यादव आदि मौजूद थे।
उधर, संडीला बस स्टैंड पर एसडीएम एपी सिंह की अगुवाई में फोर्स ने टीचरों
की दो बसों को रोक हिरासत में लिया, जिस पर टीचर नारेबाजी करने लगे।
एसडीएम के निर्देश पर बस नई तहसील परिसर भेजी गई। जहां टीचर धरने पर बैठ
गए। दोपहर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इस दौरान टीचरों ने ज्ञापन एसडीएम को
सौंपा। डीएम रमेश मिश्र ने बताया कि विस का घेराव करने जा रहे 845
वित्तविहीन टीचरों को रोका गया। इस दौरान सात वाहनों को भी कब्जे में लिया
गया। दोपहर बाद सभी टीचरों व वाहनों को छोड़ दिया गया।