हरदोई। गंगा का पानी रविवार को 10 सेंटीमीटर कम होने के बाद भी खतरे के निशान 137.10 मीटर पर बना हुआ है। रामगंगा का पानी चेतावनी बिंदु पार है। नदियों में आई बाढ़ से कटरी और कटियारी क्षेत्र के 77 गांव और करीब 27 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। प्रभावित लोगों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रामगंगा में पानी कम होने से हरपालपुर क्षेत्र के करीब आठ गांवों में कटान होने से फसलें बह जा रही हैं। कन्नौज का सीधा संपर्क मार्ग भी कटा हुआ है। पांच दिनों से बसों का संचालन भी बंद है।
बैराजों से गंगा और रामगंगा नदी में पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। गर्रा नदी में रविवार को पानी नहीं छोड़ा गया है। गंगा और रामगंगा नदी का पानी कटियारी क्षेत्र में एक होने से गर्रा, गंभीरी और नीलम नदियों का पानी एक हो गया है। तहसील सवायजपुर और शाहाबाद के 77 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। 27 आबादी वाले गांव और 50 गांवों की फसलें प्रभावित हुई हैं। सवायजपुर क्षेत्र के बेहटा मुड़िया, मड़ईन आदि गांवों में एसडीएम संजय अग्रहरि ने टीम के साथ नाव के माध्यम से प्रभावितों को राहत सामग्री का वितरण किया।
हरपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार : क्षेत्र में पानी होने के बाद भी 20 गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी बना हुआ है। हरपालपुर-श्रीमऊ-कन्नौज मार्ग पर करीब छह जगहों पर बाढ़ के पानी के कारण पांच दिन से बसों का संचालन बंद हैं। लोगों को कन्नौज और हरदोई से सीधा संपर्क कटा हुआ है। रामगंगा नदी में पानी कम होने से किनारे के गांव अदनिया, बेहटा मुड़िया, कुशलपुरवा, देवकली, चंद्रमपुर, मलिकापुर, बारी और बेहथर गांवों में खेतों का कटान हो रहा है। पलिया उपकेंद्र के चौसार फीडर के चार खंभा भी टूट गए हैं। इससे चौसार के साथ ही खद्दीपुर और धर्मपुर फीडर से जुड़े करीब 125 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद चल रही है।
बिलग्राम प्रतिनिधि के अनुसार : तहसील क्षेत्र में गंगा नदी की बाढ़ से पानी गांवों में अभी भी भरा हुआ है। 29 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। आबादी में पानी भरने पर राजस्व विभाग की ओर दिए तिरपाल लगाकर ग्रामीण परिवार सहित ऊंचे स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। यहां पर वह सरकारी सहायता के भरोसे अपना जीवनयापन कर रहे हैं। बिलग्राम एसडीएम राकेश सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति का लगातार जायजा लिया जा रहा है। दैनिक भरण पोषण-सामग्री और भोजन पैकेट ग्रामीणों को दिए जा रहे हैं।
राज्यमंत्री ने गर्रा नदी में बाढ़ का लिया जायजा
शाहाबाद। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने शनिवार को गर्रा नदी की बाढ़ से प्रभावित उमरिया कैथानी गांव का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के शिविर में लोगों को दवाओं का वितरण किया। गर्रा नदी का पानी कम होने की अधिशासी अभियंता एके गौतम ने जानकारी दी। इस पर संतोष जताया। जलभराव के कारण मलेरिया, टाइफाइड और वायरल बुखार की रोकथाम के स्वास्थ्य टीम को आवश्यक निर्देश दिए। धार्मिक स्थल नर्मदा में स्वच्छता अभियान में मंदिर परिसर में झाड़ू लगाई। शाहाबाद एसडीएम दीक्षा जोशी, अधिशासी अभियंता सिंचाई अखिलेश गौतम, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी सुमंत कुमार, सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रवीण दीक्षित, जिला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत, नगर अध्यक्ष अनिल पांडेय आदि मौजूद रहे।
राहत सामग्री वितरण में पक्षपात का आरोप, ग्रामीणों में रोष
रविवार को कटरी परसोला क्षेत्र के गांव में बाढ़ राहत सामग्री वितरण केंद्र पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। ग्रामीणों ने प्रधान, लेखपाल व तहसील के अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि राहत किट वितरण और सूची बनाए जाने में पक्षपात किया जा रहा है। बाढ़ के कारण दैनिक जरूरतों को सहायता और राहत किट मिलने पर पूरा किया जा पा रहा है, वह भी पक्षपात के कारण नहीं मिल पा रही है। बिलग्राम एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल की ओर से ग्रामीणों में आक्रोश की जानकारी मिली है। बताया कि राहत किट का वितरण जारी है। नायब तहसीलदार देशराज भारती की मौजूदगी में परसोला सरकारी विद्यालय में रविवार को 550 राहत किट का वितरण कराया गया है जो, भी प्रभावित परिवार बचे हैं उनकी सूची तैयार कराई जा रही है। सूची अनुमोदन के लिए शासन को भेजी जाएगी और राहत किट मिलते ही दोबारा वितरण किया जाएगा।