जिला अस्पताल के सामने बैठे बेसहारा गोवंश। अमर उजाला
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हरदोई। सीएम के निर्देश के बाद भी जिले में अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था फेल दिख रही है। जो मवेशी गोशालाओं में हैं, उनके लिए पर्याप्त चारा और पानी नहीं है। हाल ये है कि जिले में 72 गोशालाएं हैं लेकिन फिर भी सड़कों पर घूमते हजारों मवेशी लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। खेतों में भी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। शनिवार को तो अंदा इब्राहिमपुर गांव में एक किसान ने फसल चरने से परेशान होकर खुदकुशी का भी प्रयास किया था लेकिन प्रशासन समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा। उसका दावा है कि मवेशियों को गोशालाओं में भेजकर पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मवेशी कभी हरदोई-लखनऊ मार्ग तो कभी हरदोई-शाहजहांपुर मार्ग पर विचरण करते नजर आते हैं। इनके चलते दुर्घटनाएं भी हो रहीं हैं। पशुओं को भी नुकसान पहुंच रहा है।
प्रमुख राजमार्ग हों, संपर्क मार्ग या किसानों के खेत हों, बेसहारा घूम रहे गोवंश न केवल किसानों की फसलों के लिए आफत हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं। बेसहारा गोवंशों को गोशाला में जगह नहीं मिली तो भूख मिटाने के लिए वह खेतों की ओर भाग पड़ते हैं। जबकि सड़कों पर घूमते मवेशी कूड़े में चारा तलाशते नजर आते हैं। जिले में गोवंश संरक्षण के लिए 72 गोशालाओं का निर्माण कराया गया था। इन गोशालाओं में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 10205 गोवंश हैं। इसके बावजूद 20 हजार बेसहारा गोवंश चारे की तलाश में घूम रहे हैं। इससे साबित होता है कि कहीं न कहीं अब भी योजनाएं हवा हवाई हैं।
हालात में नहीं हुआ परिवर्तन
15 दिन पहले ही मंडलायुक्त के निर्देश पर आई विशेष टीम ने मल्लावां विकास खंड की गोशालाओं का निरीक्षण किया था। इस दौरान हर गोशाला में क्षमता से अधिक मवेशी बंद मिले थे। छोटे से टिन शेड के नीचे 150 मवेशियों को बांधे जाने पर अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी, लेकिन फिर भी हालात में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
मंसूरनगर गोशाला में हुई थी 15 मवेशियों की मौत
पिहानी विकास खंड की मंसूरनगर गोशाला में 15 दिन पहले एक ही सप्ताह में 15 मवेशियों की मौत की जानकारी सामने आई थी। प्रशासनिक अफसरों ने 15 मवेशियों की मौत होने से इनकार करते हुए कभी आठ कभी चार मवेशी मरने की बात कही थी। डीडीओ राजितराम मिश्रा ने यहां की व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव ने इन निर्देशों को कोई खास तवज्जो नहीं दी।
जिले में गोवंश पर एक नजर
कुल गोवंश आश्रय स्थलों में छुट्टा गोवंश घरों में पालतू
380000 10205 19744 3,48850