पाली। नगर व ग्रामीण इलाकों में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। जून के आठ दिनों में बंदरों ने पाली और इसके आसपास के 62 लोगों को जख्मी कर दिया। यह संख्या सिर्फ उन लोगों की है जो बंदर काटने पर इलाज और इंजेक्शन के लिए पाली पीएचसी पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में मरीज प्राइवेट चिकित्सकों के यहां जाने के साथ ही शाहजहांपुर भी गए हैं। पिछले कुछ माह में न सिर्फ पाली बल्कि जिले के हर क्षेत्र में बंदरों का आतंक तेजी से बढ़ा है।
अभी तक छुट्टा मवेशी और आवारा कुत्ते लोगों के लिए परेशानी का सबब थे लेकिन अब बंदर भी मुसीबत बन गए हैं। शायद ही कोई दिन ऐसा जाता हो जब बंदर के काटने की घटनाएं पाली और इसके आसपास के इलाकों में न हो रही हों। बंदर काटने पर भी पीड़ित को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है। बंदर काटने की घटनाओं को जिम्मेदार भले ही हल्के में लें लेकिन पाली पीएचसी के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जून के पहले आठ दिनों में ही 62 लोगों को बंदर काटने के एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं।
केस-1
पचदेवरा निवासी गरीब कुमार के दो साल के बेटे रीतेश को बंदर ने काट लिया। वह घर की छत पर खेल रहा था और बंदर के झुंड को देखकर भागने की कोशिश करने पर बंदर ने उस पर हमला कर दिया। पाली पीएचसी में उसे एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया।
केस-2
गुजीदेई निवासी अशोक के बेटे मंगलम (15) पर भी गांव में खेलते समय बंदर ने हमला कर दिया। परिजन ने इसका डॉक्टर से परामर्श लिया। एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने का सुझाव दिया तो पीएचसी पाली पहुंचकर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया।
केस-3
पाली के रहने वाले उमेश की 10 साल की बेटी नैना घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान बंदर ने उसे दौड़ा लिया। बचने की कोशिश में वह गिर गई तो बंदर ने काट लिया। उसे भी पाली पीएचसी में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया।
इनसेट
बंदरों ने कब कितने लोगों को काटा
एक जून -10
दो जून- 16
तीन जून -10
चार जून - 01
पांच जून - 05
छह जून - 07
सात जून- 03
आठ जून - 10
बंदर के काटने पर एंटी रैबीज इंजेक्शन जरूर लगवाना चाहिए। इसकी डोज चार बार में दी जाती है। पहले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन और फिर 28वें दिन। पीएचसी में एंटी रैबीज इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। -डॉ. आनंद शुक्ला, अधीक्षक, पाली पीएचसी
बंदरों की समस्या को लेकर जानकारी हुई है। जल्द योजना बनाकर बंदरो को पकड़वाकर दूर जंगलों में छुड़वाया जाएगा जिससे नगर के लोगों को सहूलियत मिल सकेगी। -अंकित तिवारी, एसडीएम सवायजपुर
दो वर्षीय बेटे रितेश को बंदर काटे का पाली पीएचसी पर इंजेक्शन लगवाने आये पचदेवरा निवासी गरीब कुम
दो वर्षीय बेटे रितेश को बंदर काटे का पाली पीएचसी पर इंजेक्शन लगवाने आये पचदेवरा निवासी गरीब कुम