बारिश और ओलावृष्टि से बरबाद किसानों को दिए जाने
वाले मुआवजे की राशि प्रति हेक्टेयर 60 हजार करने की मांग को लेकर भारतीय
कृषक दल व समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को सीएम को
संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
कलक्ट्रेट में
ज्ञापन देने से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित ने कहा कि जिले समेत
सूबे में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से बरबाद फसलों का मुआवजा न मिलने से
लोगों में रोष व्याप्त है। कहा कि किसानों की जो फसल बर्बाद हुई, उसका
नुकसान 80 से लेकर 100 प्रतिशत तक है, पर सर्वे धरातल पर न कर खानापूरी की
गई और किसानों का नुकसान कम दिखाया गया है।
सत्यवीर प्रकाश आर्य ने कहा कि
जिलों में जो मुआवजे की राशि दी जा रही, उसमें भी जिला प्रशासन द्वारा
तहसील स्तर पर मुआवजे की धनराशि के आवंटन में समान दृष्टिकोण नहीं अपनाया
जा रहा है। धर्म सिंह सोमवंशी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुई
हानि व सरकार द्वारा किसानों को समय से मुआवजे न देने से किसान आत्महत्या
कर रहा है, लिहाजा ऐसे पीड़ितों को तत्काल पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया
जाए।
विक्रम पांडे ने कहा कि किसान आयोग का गठन किया जाए। इसके बाद सीएम को
संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन डीएम रमेश मिश्र को सौंपा। ज्ञापन में उक्त
के अलावा मुआवजा 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिलाने की मांग शामिल है। इस
मौके पर कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।