भाकियू की ओर से गुरुवार को प्रस्तावित रेल चक्का जाम को लेकर पुलिस, प्रशासन व रेलवे, तीनों खासे सतर्क रहे। भाकियू नेताओं व कार्यकर्ताओं के स्टेशन की ओर रवाना होते ही प्रशासन ने कलक्ट्रेट गेट पर रोक लिया। करीब एक घंटे प्रशासन भाकियू के कार्यकर्ताओं को गेट पर ही उलझाए रहा।
प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की वार्ता के बाद 57 किसानों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया। देर शाम सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। इधर, रेलवे स्टेशन पर बैरीकेडिंग कर दिन भर पुलिस बल तैनात रहा।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष राजबहादुर सिंह यादव की अगुवाई में गुरुवार को रेलवे ट्रैक पर पंचायत कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसको लेकर भाकियू पदाधिकारियों व किसानों ने कलक्ट्रेट गेट से प्रदर्शन करना शुरू किया और अंदर परिसर में जाने का प्रयास किया।
पहले से तैनात पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। इस दौरान कई थानों की पुलिस मौजूद रही। इससे खफा भाकियू पदाधिकारियों ने गेट पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अनिल सिंह यादव व सीओ सिटी विकास जायसवाल ने भाकियू पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन एक घंटे तक वह रोड जाम किए रहे।
इसके बाद आश्वासन पर वह गिरफ्तारी देने को तैयार हो गए। इसके बाद वहां से पैदल ही वे पुलिस लाइन तक गए। इस मौके पर सुदामा प्रसाद, बलवीर राजवंशी, चमेली देवी, सोबरन लाल, महेंद्र, अमरजीत सहित कई भाकियू पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे। इस दौरान मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी लाइन लग गई।
इसके अलावा भाकियू अराजनैतिक अंबावता गुट के पदाधिकारियों ने भी अशोक राठौर के नेतृत्व में जाम लगाया। उन्होंने भी तीन सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट जंग बहादुर यादव को सौंपा। इस मौके पर नन्हे, राजकरन , रामलखन पाठक आदि मौजूद रहे।
हरदोई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह को सौंपा।
इसमें केंद्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने, किसानों की आय दूनी करने के लिए स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस के दाम कम करने, आंदोलन के दौरान दिवंगत किसानों की खिल्ली उड़ाने वाले मंत्रियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई।