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5500 किसानों को मिला कर्ज माफी का प्रमाण पत्र

Wed, 13 Sep 2017 11:55 PM IST
हरदाेई
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कर्जमाफी के प्रमाण पत्रों के साथ खड़े किसान - फोटो : अमर उजाला
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राजकीय इंटर कालेज परिसर में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में साढ़े पांच हजार किसानों को ऋण माफी के प्रमाण पत्र दिए गए। इस मौके पर प्रदेश सरकार में होमगार्ड, सैनिक कल्याण और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा जो कहती है, उसे पूरा भी करती है। विपक्षियों को देखना चाहिए कि कर्ज माफी की हकीकत जमीन पर उतरी है और किसानों की मुस्कान योजना के सफल होने का प्रमाण है। 
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कर्ज माफी प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में 125 प्रमाण पत्र जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों को सौंप गए। कार्यक्रम की शुरुआत में वेणी माधव विद्यापीठ इंटर कालेज और केंद्रीय विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत कार्यक्रम प्रस्तुत किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि किसानों के हित के लिए प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। कार्यक्रम को भाजपा सांसद अंशुल वर्मा, मिश्रिख की भाजपा सांसद अंजू बाला, विधान परिषद सदस्य कांति सिंह, शाहाबाद विधायक रजनी तिवारी, गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण शास्त्री ने की। अतिथियों का सम्मान प्रभारी जिलाधिकारी विपिन कुमार मिश्र और प्रभारी सीडीओ आरआर मिश्र ने किया। संचालन उपनिदेशक कृषि डाक्टर आशुतोष मिश्र ने किया। जिला कृषि अधिकारी डाक्टर वीके यादव के अलावा सभी एसडीएम और सीओ, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह, राजीव रंजन मिश्र, आजाद सिंह भदौरिया, राजेश अगिभनहोत्री, कर्मवीर सिंह चौहान, प्रीतेश दीक्षित, गांगेश पाठक, सत्यम शुक्ला मौजूद रहे।

सम्मान से बुलाया पर बैरंग लौटाया
वक्ताओं ने मंच से बड़े बड़े भाषण दिए। किसान हित और सम्मान की बातें भी कीं लेकिन इसी बीच कई किसान प्रमाण पत्र न मिलने के कारण बैरंग लौट गए। प्रशासन ने किसानों को कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए वाहन की व्यवस्था की थी। किसानों की सूची संबंधित तहसीलों ने तैयार की थी। सदर तहसील के ग्राम बरखेरा से आए शंकर सिंह, विश्राम, प्रमोद कुमार सिंह, विशंभर, हरीशचंद्र, रमई, यदुनाथ सिंह आदि को बस से बुलवाया गया। इन सभी के नाम भी प्रमाण पत्र जारी किए जाने की सूची में थे। इन लोगों को समारोह में कर्जमाफी के प्रमाण पत्र नहीं दिए गए। इन किसानों ने उपजिलाधिकारी सदर आशीष कुमार सिंह से अपना दर्द बयां किया। एसडीएम सदर भी समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर ये कैसे हुआ। उन्होंने किसी तरह किसानों को समझाकर शांत किया। 
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फेंककर दिए लंच पैकेट 
जनपद में तैनात कई अफसर संवेदनहीन हो गए हैं। कार्यक्रम में शामिल होने आए किसानों के लिए लंच पैकेट की व्यवस्था भी थी। मंच से बताया गया था कि किसानों को उनके स्थान पर ही लंच पैकेट भेजे जाएंगे। कार्यक्रम बड़ा होेने के कारण अव्यवस्था हो गई। बड़ी संख्या में किसानों को लंच पैकेट नहीं मिला तो ये लोग उस कक्ष के बाहर पहुंच गए, जहां लंच पैकेट रखे थे। कर्मचारियों ने किसानों की ओर लंच पैकेट फेंकना शुरू कर दिए।

आंकड़ा गलत बोल गए मंत्री जी
कार्यक्रम के बाद प्रभारी मंत्री से आयोजन को लेकर सवाल किए गए तो मंत्री जी गलत आंकड़े बता गए। प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि ऋण माफी योजना के पहले चरण में जिले के 33 हजार 508 किसानों को लाभ दिया जा रहा है। इनके बैंक खातों में 195 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि ऋण माफी में धनराशि के लिहाज से जनपद पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। जबकि जिले का ऋण माफी की धनराशि के लिहाज से पहला स्थान है। इससे लाभान्वित होने वाले किसानों की संख्या के मामले में प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। प्रभारी जिलाधिकारी डाक्टर विपिन कुमार मिश्र ने मंच से इन आंकड़ों को कई बार दोहराया। 
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