मल्लावां। सरकारी स्कूल में तिरपाल डालकर रह रहे छह परिवारों के 50 सदस्यों को आज भी अपनी जमीन की तलाश है। इस समुदाय विशेष के मुखिया करीब 50 साल पहले यहीं पर आकर बस गए थे।
परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड और बैंक खाते तो खुल गए, लेकिन अब तक राशन कार्ड जारी नहीं किए गए हैं। घर के बड़े लोगों के यहां मजदूरी करके कुनबे का पेट पाल रहे हैं।
जिम्मेदार अफसरों को भी पता है कि ये परिवार अवैध तरीके से यहां पर रह रहे हैं। इसके बाद भी इनके लिए जमीन का पट्टा नहीं दे रहे हैं। जूनियर स्कूल की बाउंड्रीवाल के अंदर एक समुदाय का परिवार करीब 50 वर्ष से अधिक समय से रह रहा है।
सरकार की ओर से परिवार को न तो आवासीय जमीन मुहैया हो सकी और न ही पक्की छत। ये परिवार पन्नी तिरपाल के नीचे सर्दी बारिश झेल कर गुजर बसर कर रहा है।
समय-समय पर प्रशासन की ओर से स्कूल की जमीन खाली करने को लेकर सख्त हिदायत भी दी जाती रही, लेकिन असमर्थता के चलते जमीन खाली कराने वाले अधिकारियों की चिरौरी कर रह रहे हैं।
विश्राम ने बताया कि उनके पिता करीब 50 वर्ष पहले यहां आकर कैसे बस गए थे। उनके छह बेटे हैं। सबका अलग परिवार हो गया। बाजीगंज वार्ड की सीमा में रह रहे हैं।
बताया कि उनके परिवार में 50 से ज्यादा सदस्य हैं। जिनमें से करीब 45 लोग मतदान भी करते हैं। बताया कि उनको मालूम है कि वह अवैध तरीके से स्कूल की जमीन पर रह रहे हैं।
कई बार अन्य जगह बसवाने की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि कई बार ऑनलाइन फीडिंग कराई, इसके बाद भी राशन कार्ड नहीं बन सका। परिवार के लोग मेहनत मजदूरी कर पेट पाल रहे हैं।
मोहल्ले के पते पर आधार कार्ड जारी
इस समुदाय के लोगों का गोवर्धनपुर मोहल्ले के पते से आधार कार्ड भी जारी हैं। बैंकों में खाते भी खोले गए हैं।
ऐसे में जब यह लोग स्कूल की सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से रह रहे हैं, तो फिर इन लोगों को आधार कार्ड किस आधार गोवर्धनपुर मोहल्ले के पते पर जारी कर दिए गए, जबकि यह लोग बाजीगंज मोहल्ले में निवास कर रहे हैं।
स्कूल की जमीन पर यह लोग गलत तरीके से रह रहे हैं। नगर पालिका के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिससे इन लोगों को जमीन देकर बसाया जा सके।
- मुकेश कुमार निगम, अधिशासी अधिकारी, मल्लावां पालिका