प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत जिले में कई
बैंकोें में सात लाख एकाउंट तो खुल गए, पर इनमें से 50 फीसदी से अधिक
एकाउंट संचालित नहीं हुए या फिर उनके लिए जारी रूपे कार्ड एक्टीवेट नहीं
हुए हैं। शून्य बैलेंस सुविधा और फ्री रूपे कार्ड एवं एक्सीडेंटल बीमा कवर
योजना वाले इन खातों के लिए जारी रूपे कार्ड लेने को बैंक अफसर अब
खाताधारकों को फोन व पत्र से सूचना दे रहे हैं।
इसके बाद भी ज्यादातर
बैंकों में कई माह से रखे रूपे कार्ड नष्ट हो गए हैं। इसको लेकर बैंक अफसर
परेशान हैं। ज्ञात हो कि जिले में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत कई
बैंकों द्वारा करीब सात लाख बैंक एकाउंट खोले गए थे। इनमें से एजीबी ने
करीब 2.5 लाख, बैंक आफ इंडिया ने 1.8 लाख, स्टेट बैंक ने 75 हजार, इलाहाबाद
बैंक ने 47 हजार, पीएनबी ने 53 हजार, सेंट्रल बैंक ने 25 हजार, यूनियन
बैंक ने 14 हजार, बैंक आफ बड़ौदा ने 10 हजार खाते खोले थे।
अन्य बैंकों ने
करीब 50 हजार खाते खोले थे। योजना में खुलने वाले सभी बैंक एकाउंट में
बैंकों द्वारा एटीएम कार्ड की तरह रूपे कार्ड जारी किया जाता है। 50 फीसदी
से अधिक रूपे कार्ड अभी तक बैंकों से ग्राहकाें ने या तो रिसीव नहीं किए या
फिर एक्टीवेट नहीं कराए हैं।
इसके कारण इन ग्राहकों को बीमा सुरक्षा का
लाभ नहीं मिल पाएगा। इस बाबत बैंक अफसरों ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन
योजना के सभी खाताधारकों से अपनी बैंक शाखाओं से रूपे कार्ड प्राप्त कर उसे
एक्टीवेट करने के साथ खाते का संचालन नियमित रूप से करने की अपील की गई
है।
एसबीआई के सहायक प्रबंधक मोहम्मद शेख उजेहर, इंडियन बैंक के प्रबंधक
महेंद्र कुमार, विजया बैंक के आशीष कुमार समेत अन्य बैंकों के अफसरों ने
बताया बड़ी संख्या में रूपे कार्ड ग्राहकाें ने रिसीव नहीं किए हैं या फिर
एक्टीवेट नहीं कराए हैं, इससे बैंक अफसरों का परेशान होना स्वाभाविक है।
कई
बैंकों में रूपे कार्ड पिन 60 दिन में खुद डिस्ट्राय हो जाते हैं और कई
बैंकों को पिन डिस्ट्राय करने पड़े हैं। इस बाबत बैंकाें से मिली
जानकारी के अनुसार, खाता खुलने के बाद जारी रूपे कार्ड को 45 दिन में
एक्टीवेट करना था, पर छह-सात माह बाद भी ग्राहकों ने इस ओर ध्यान नहीं
दिया।