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477 अभ्यर्थियों को नवरात्र से पूर्व मिला नौकरी का उपहार

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जीआईसी में अपने नियुक्ति पत्र के इंतजार में बैठे शिक्षक। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। 31277 शिक्षक भर्ती में 477 चयनित अभ्यर्थियों को नवरात्र से पूर्व शुक्रवार को नौकरी का तोहफा मिल गया। पांच अभ्यर्थियों को एनआईसी में मुख्यमंत्री के ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति पत्र वितरित किए गए तो अन्य को जीआईसी में हुए कार्यक्रम में विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष व जिलाधिकारी ने प्रमाण पत्रों का वितरण किया।
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शासन स्तर से जिले में 513 चयनित अभ्यर्थियों की सूची भेजी गई थी। 492 ने काउंसलिंग कराई। इनमें 477 को नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए गए। एनआईसी में बालामऊ से भाजपा विधायक रामपाल वर्मा, जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा, जिलाधिकारी अविनाश कुमार व बीएसए हेमंत राव की मौजूदगी में पांच अभ्यर्थियों प्रीती तिवारी, शिवदेवी, अनुरागिनी देवी, रईस अली व उदय प्रताप को नियुक्ति पत्र बांटे गए। राजकीय इंटर कालेज में 472 को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष व भाजपा विधायक रामपाल वर्मा ने किया। भाजपा विधायक ने कहा कि ये सार्थक कदम है। नौनिहालों को हर विषय के शिक्षक मिलेंगे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने कहा कि शिक्षकों को भी अपने दायित्व निभाने होंगे। जिलाधिकारी ने गुणवत्तापरक शिक्षा पर जोर दिया। बीएसए ने भी शिक्षकों का मनोबल बढ़ाया। संचालन बीईओ सत्यप्रकाश ने किया। इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि रजनीश त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट जंग बहादुर यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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15 अभ्यर्थियों के रोके गए नियुक्ति पत्र
जिले में शासन स्तर से 513 अभ्यर्थियों की चयनित सूची भेजी गई थी। काउंसलिंग के दौरान उपस्थित अभ्यर्थियों में 15 ऐसे निकले जिनके आवेदन व मूल प्रमाण पत्रों में अंतर मिला। इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने से मना कर दिया गया। इसकी जानकारी सचिव को भेजी जाएगी।
नहीं आए प्रभारी मंत्री
नियुक्ति पत्र बांटने के लिए शिक्षा विभाग ने मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रभारी मंत्री सतीश महाना के आगमन की सूची दी थी। सुबह से ही उनके आगमन की राह देखी जाती रही लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले उनके कार्यक्रम निरस्तीकरण की सूचना आ गई। जिससे आयोजक काफी निराश हो गए।
शिक्षक-शिक्षिकाओं की प्रतिक्रिया
गौसगंज निवासी अनुरागिनी देवी को भी एनआईसी में नियुक्ति पत्र मिला। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व वह कछौना के मुसलमानाबाद के प्राइमरी विद्यालय में शिक्षामित्र थीं। नवरात्र के पहले मां का आशीर्वाद मिला है, ये समझ दायित्वों का निर्वहन करूंगी।
भरावन के ग्राम सतरौल पोस्ट बनी निवासी रईस आलम प्राथमिक विद्यालय डांडा भरावन में शिक्षामित्र थे। उन्होंने कहा कि नौकरी को लेकर संशय बहुत था लेकिन 17 साल बाद उन्हें पक्की नौकरी मिली। उन्होंने अपने पिता को याद किया।
भरावन निवासी प्रीती तिवारी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय कूड़ा में शिक्षामित्र थीं। सपा सरकार में एक बार मौका लगा लेकिन कुछ समय बाद फिर उसी पद पर वापस आना पड़ा। अब भाजपा सरकार ने उनके सपनों को पूरा किया है। अभ्यर्थियों के हित की बात सोची है।
भरावन के ग्राम जखवा निवासी शिवेदवी ने बताया कि वह फरवरी 2004 से प्राथमिक विद्यालय भरावन में शिक्षामित्र रहीं। कई बार सहायक अध्यापक बनने का अवसर मिला लेकिन सपने बिखर गए। अब 16 साल बाद ज्वाइनिंग लेटर के रूप में जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा प्राप्त हुआ।
शिक्षक बने उदय प्रताप का कहना है कि उन्हें नौकरी का तोहफा मिला है। अपने दायित्वों को वह प्रत्येक दशा में निभाएंगे। अब उनके जीवन का लक्ष्य उत्कृष्ट शिक्षक बनना ही है।
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